पुलिस बिलासपुर

सिविल लाईन थाने में महिलाएं दुर्गा प्रतिमा के साथ बैठीं धरने पर

डीजे पर कारवाई करने के आदेश के बाद सभी थानाक्षेत्रों में पुलिस ने सक्रीय हो कर नियमविरुद्ध बज रहे ध्वनिविस्तारक यंत्रों पर कारवाई करने कमर कस ली है सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस कारवाई कर भी रही है।

आदेश है कि रात 10 बजे के बाद डीजे बजाना प्रतिबंधित है। आज शाम साढ़े पाँच बजे सिविल लाईन पुलिस एक छोटी सी दुर्गा समिति की प्रतिमा और साउंड सिस्टम को ज़ब्त कर थाने ले आई। समिति के सदस्यों ने कहा कि हमारे साउंड सिस्टम को देख कर कोई भी बता सकता है कि इसकी क्षमता बड़े कानफाडू डीजे जितनी नहीं होगी।

समिति की महिलाओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस खानापूर्ति की कारवाई कर रही है। न तो हम किसी तरह की हुड़दंग मचा रहे थे और ना ही हमारे डीजे की आवाज़ बहुत तेज़ थी। शहरभर में बड़े बड़े डीजे बज रहे हैं लेकिन पुलिस उनपर कारवाई नहीं कर रही है।

शहर कांग्रेस के एक बड़े नेता भी डीजे को छुड़वाने के लिए सिविल लाईन थाने के अधिकारियों से मिलते नज़र आए।

समिति की महिलाएं अभी सिविल लाईन थाने में धरने पर बैठे गई हैं उनका कहना है कि हमने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है तो हमपर ये जबरिया नंबर बढ़ाने वाली कारवाई क्यों की जा रही है।

महिलाओं का ये आरोप पूरी तरह निराधार भी नहीं है। उनकी ये बात तो सच ही है कि शहर में बड़े बड़े डीजे अब भी बज रहे हैं। कल पूरी रात भी बज ही रहे थे।

ऑफ रिकॉर्ड बात करते हुए एक पुलिस कर्मचारी ने कहा कि कारवाई दिखानी है तो किसी को तो उठाना पड़ेगा ना।

ये खबर लिखते समय तक भी थाने के बाहर तेज़ डीजे बाज रहा है जिससे टी आई के कमरे की खिड़की तक कांप रही है लेकिन उसपर कारवाई नहीं हो रही है।

इससे दो सवाल उठ रहे हैं पहला ये कि सिविल लाईन पुलिस खानापूर्ति की कारवाई क्यों कर रही है?

इससे एक सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि एक छोटे से डीजे को बंद करवाने में ही अगर सिविल लाईन पुलिस के पसीने छूट गए तो बड़ी कारवाई में क्या हालत होगी।

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