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महिला बाल विकास विभाग:DCPO पार्वती वर्मा की रिश्वत मांगते कॉल रिकॉर्डिंग वायरल, शिकायतकर्ता को ही नौकरी से निकाला

बिलासपुर. जिला बाल संरक्षण इकाई बिलासपुर के आउटरीच कार्यकर्ता(जो अब नौकरी से निकाल दिए गए हैं)ललित कैवर्त और विकास बैस ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी (बिलासपुर) पार्वती वर्मा के ख़िलाफ़ अवैध वसूली किए जाने हेतु मजबूर करने, कार्यालय में मानसिक तथा आर्थिक शोषण और प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई है।

ललित कैवर्त और विकास बैस ने बताया कि वे दोनों पिछले 3 वर्षों से बाल संरक्षण इकाई बिलासपुर में बाल श्रमिक रोकथाम व बाल विवाह रोकथाम का कार्य कर रहे थे। इनका काम फ़ील्ड में जाकर बालविवाह रोकना और नाबालिगों से जबरन काम करवाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई करके बाल श्रमिकों को मुक्त करवाने का होता था।

इन दोनों ही आवेदकों ने आरोप लगाया है कि पार्वती वर्मा इनपर दबाव बनाती थीं कि वे फ़ील्ड में जाकर लोगों से जबरन पैसे की उगाही करें। पार्वती वर्मा पर आरोप है कि वे कर्मचारियों के टीए डीए की राशि में से भी 20% की मांग करती थीं। आरोप है कि पार्वती वर्मा इन दोनों कर्मचारीयों पर दबाव बनाती थीं कि लोगों से वसूली कर के लाओ वरना तुम्हारा टीए डीए रोक दिया जाएगा।

पार्वती वर्मा पर आरोप है कि वे कर्मचारीयों से ज़बरदस्ती अपना निजी कार्य करवाती हैं।
एक ऑडियो भी हमें प्राप्त हुआ है जिसमें बाल संरक्षण अधिकारी पार्वती वर्मा फ़ोन पर आउटरीच कर्मचारी ललित कैवर्त को हेमू नगर निवासी एक व्यक्ति से जबरन वसूली करने को कह रही हैं।

सुनिए ऑडियो…

शिकायत करने वाले कर्मचारियों को ही निकाल दिया नौकरी से

रिश्वत की डिमांड करते हुए पार्वती वर्मा का ऑडियो ऊपर आपने सुना। इस ऑडियो के जारी होने के बाद इन पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, तुरंत जांच कर ऐसे लालची अधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए था। लेकिन इसके विपरीत DPO सुरेश सिंह ने शिकायतकर्ता पीड़ित कर्मचारियों को ही नौकरी से निकाल दिया है।

कर्मचारियों ने बिलासपुर कलेक्टर के समक्ष इन घटनाओं की लिखित शिकायत भी की है, परन्तु उनकी शिकायत पर अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
नौकरी से निकाल दिए गए दोनों पीड़ित कर्मचारी विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।

एक तो ये बात समझ के परे है कि आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई करने की बजाए पीड़ित शिकायतकर्ताओं को ही नौकरी से क्यों निकाल दिया गया है?

ग़ौर करने वाली बात ये भी है कि बाल संरक्षण अधिकारी पार्वती वर्मा के द्वारा ज़बरदस्ती अवैध वसूली करने का ये कोई पहला मामला नहीं है। 

इनके खिलाफ़ अवैध वसूली की पहले भी हुई है शिकायत

एचआईवी पॉजीटिव बच्चियों के लिए काम करने वाली  बिलासपुर की एक संस्था ने भी लिखित में इस बात की शिकायत दर्ज कराई है कि बाल संरक्षण अधिकारी पार्वती वर्मा ने संस्था को मिलने वाले अनुदान की राशि में से 30% रकम की रिश्वत की डिमांड की थी। संस्था ने रिश्वत देने से इंकार किया तो महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा संस्था का लाइसेंस निरस्त करने की कोशिश की जाने लगी।

मामला गंभीर है, महिला एवम् बाल विकास विभाग की एक अधिकारी पर लगातार रिश्वत मांगने, अवैध वसूली करने, मातहत कर्मचारीयों को मानसिक व आर्थिक शोषण करने, कर्मचारीयों के टीए डीए में से हिस्सा मांगने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं और पूरा विभाग उनके इस कृत्य पर पर्दा डालने की कोशिश करता नजर आ रहा है।

ख़बर में संलग्न ऑडियो क्लिप cgbasket को प्रार्थी द्वारा उपलब्ध कराई गई है. ऑडियो का सही या गलत होना जाँच का विषय है. पोर्टल और रिपोर्टर इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं. cgbasket इसकी ज़िम्मेदारी नहीं लेता है.

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