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वंदना अस्पताल विवाद : एमडी डॉ उईके ने लगाए गंभीर आरोप, कहा सम्माननीय पेशे को बदनाम कर रहे डॉ कुर्रे

बिलासपुर। मंगला चौक के पास स्थित वन्दना मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का असर अब वहां के मरीजों पर भी पड़ने लगा है। हॉस्पिटल के एमडी डॉ उइके ने बीते कल मीडियाकर्मियों को जानकारी दी कि अस्पताल में तीन डॉक्टरों की पार्टनरशिप है। उन्होंने बताया कि अन्य दो साझेदारों के मन में ज़्यादा पैसे कमाने का लालच इतना बढ़ गया है कि अब वे तरह तरह के षड्यंत्र करके मुझे बाहर निकालकर पूरा अस्पताल हड़पना चाहते हैं।

डॉ उईके ने बताया कि साझेदार (डॉ विजय कुमार कुर्रे और डॉ राजेश्वरी) अधिक पैसों के लालच में आकर अब अस्पताल में आ रहे मरीजों को भी बरगलाने लगे हैं। उन्होंने कहा कि मैं रोज़ अस्पताल आता हूं लेकिन मुझसे इलाज करवाने आ रहे मरीजों को ये कहकर वापस भेज दिया जाता है कि डॉ उईके अब यहां नहीं आते।

अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने भी डॉ उईके के मरीजों को भर्ती न करने और उन्हें वापस भेज देने वाले आरोप की पुष्टि की है।

डॉ उईके द्वारा अस्पताल के अन्य दो पार्टनर डॉक्टर विजय कुमार कुर्रे व डॉक्टर राजेश्वरी से जब मीडिया ने इस संबंध में जानकारी लेनी चाही तो वे सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। डॉक्टर विजय कुर्रे ने कहा कि जिस स्टाफ ने हमपर लगे आरोपों की पुष्टि की है वे अस्पताल के नहीं डॉक्टर उईके के स्टाफ हैं लेकिन स्टाफ से पूछने पर मालूम चला कि वे लोग अस्पताल के ही जिम्मेदार पद पर कार्यरत हैं।

डॉक्टर विजय कुर्रे ने बिल्डिंग के मालिक पर भी उईके के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया इसके जवाब में बिल्डिंग मालिक ने कहा कि मुझे तो अपने किराए से मतलब है डॉक्टरों के आपसी झगड़े में मेरा नुकसान हो रहा है इसलिए मैं चाहता हूं कि ये लोग बिल्डिंग ख़ाली कर दें ताकि मैं उसे किसी अन्य कार्य में इस्तेमाल कर सकूं।

डॉक्टर राजेश्वरी भी मीडिया के सामने बात करने से कतराती रहीं।

डॉक्टर उईके ने अपने दो साझेदार डॉक्टरों से मीडिया के माध्यम से निवेदन किया है कि वे अपने स्वार्थ और लालच के लिए मरीजों और जरूरतमंदों का नुकसान न करें। उईके ने कहा कि इनके ऐसा करने से डॉक्टरी जैसा जिम्मेदार और सम्मानजनक पेशा बदनाम हो रहा है।

डॉक्टर उईके ने कहा कि हॉस्पिटल की लड़ाई को कुछ लोगो द्वारा धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद पुलिस के लिए भी यह मामला सिरदर्द बन गया था क्योंकि भवन मालिक ने तीन महीने का अल्टीमेटम दिया था और जब वह समय खत्म होने को आया है शायद यही बात बाकी के दो पार्टनर डॉक्टर्स को नागवार गुजर रही है तभी ये सब ड्रामा कर उनके द्वारा बेवजह विवाद उत्पन्न किया जा रहा है।

यहाँ थोड़ा फ्लेशबैक की भी पुख्ता जानकारी के अनुसार भी बताते चले कि भवन मालिक अधिकार से अपने भवन को बंद करने गया था लेकिन अचानक मौके पर पहुंची भीड़ ने भवन मालिक संजय जैन को बुरी तरह से पीट दिया। सवाल ये भी उठता है कि क्या वह घटना सुनियोजित थी या फिर यह एक घटना मात्र थी।

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