क्राईम छत्तीसगढ़ पुलिस बिलासपुर

किसके संरक्षण में मस्तूरी में चल रहा बड़े स्तर का जुआं ? चर्चित आरक्षक xyz पर लग रहे हैं आरोप, अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर कर दे रहा है अवैध धंधों को संरक्षण ?

बिलासपुर। कहते हैं कि अगर पुलिस चाह ले तो मंदिर से चप्पल भी चोरी नहीं होगी। कहते ये भी हैं कि कोई भी अवैध काम बगैर संरक्षण के नहीं चल सकता। अवैध धंधों को ये संरक्षण अक्सर वही लोग देते हैं जिनपर अवैध धंधों को बन्द करवाने की जिम्मेदारी होती है। ऐसा ही एक अवैध कारोबार है जुआं खिलवाना। ज़िले के आला अधिकारी अपने मातहत कर्मियों को कइयों बार ये निर्देश दे चुके हैं कि जुआं सट्टा जैसे अवैध कारोबारों को बन्द करवाया जाए। लेकिन…

लेकिन विशेष टीम में शामिल ज़िले के एक चर्चित आरक्षक xyz पर इन दिनों लगातार अवैध धंधों को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। इस चर्चित आरक्षक पर लग रहे ये आरोप कोई नए नहीं हैं। मई 2015 में भी xyz अवैध वसूली के आरोप में बर्खास्त किया जा चुका है। अप्रैल 2016 में जैसे तैसे उसकी पुनः बहाली हुई। 

बताते हैं कि xyz का रिश्तेदार जुएं में पैसे फाइनेंस करवाता है

ताज़ा मामला ज़िले के मस्तूरी क्षेत्र का है। सूत्र बताते हैं कि मस्तूरी क्षेत्र में इन दिनों विशेष टीम के एक चर्चित आरक्षक xyz के संरक्षण में बड़े स्तर पर जुआं खिलवाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि xyz का रिश्तेदार इस जुएं का कर्ताधर्ता है और उसी आरक्षक का भाई इस जुएं में पैसे फाइनेंस करता है। सूत्र बताते हैं कि इस जुएं में कई पार्टनर हिस्सेदार हैं।

मुखबिरी से बचने झोले में रखवा लिए जाते हैं मोबाइल

मस्तूरी क्षेत्र के एक गांव में ये जुआं बैठता है। इस जुएं की जगह रोज़ बदल दी जाती है ताकि कोई मुखबिरी न सके। मस्तूरी भट्ठी से तकरीबन 3 किलोमीटर दूर ये जुआं बैठता है। इस जुएं में ज्यादातर शहर के बाहर के जुआरी शामिल होते हैं जैसे कोरबा, जांजगीर। जुआं खेलने आने वालों को मोबाइल लेजाने की अनुमति नहीं है इसलिए मस्तूरी शराब भट्ठी के पास सभी जुआरियों के मोबाईल फ़ोन एक झोले में रखवा लिए जाते हैं। हर मोबाइल पर उसके मालिक के नाम की चिट लगा दी जाती है ताकि वापस जाते समय जुआरी अपना मोबाइल को आसानी से पहचान ले। लेकिन…

फाइल फ़ोटो

आपस में ही लड़ पड़े मस्तुरी के जुआरी

सूत्र बताते हैं कि कुछ दिन पहले मस्तुरी के जुआरी आपस में ही लड़ पड़े थे। सूत्र ने बताया कि जुआरिओं का ये आपसी विवाद इतना बढ़ गया था कि लाठी डंडा आयर तलवार तक निकाल ली गई थी। इस विवाद के कारण मस्तुरी का ये जुआ बीते तीन दिनों से बन्द था जो अब फिर से शुरू होने वाला है।

टीम ने पचपेड़ी का जुआं पकड़ा लेकिन मस्तूरी पर नज़र ही नहीं डाली

ज़िले में इस बात की चर्चा है कि बीते दिनों ACCU ने पचपेड़ी में छोटा सा जुआं पकड़ा था लेकिन आश्चर्य की बात है कि पचपेड़ी से पहले पड़ने वाले मस्तूरी में xyz के संरक्षण में चल रहे बड़े स्तर के इस जुएं पर ACCU कोई कार्रवाई नहीं की।

बीते दिनों सिरगिट्टी क्षेत्र में विशेष टीम ने जुआं पकड़ा था। सूत्र ने बताया कि जितने लोग पकड़े गए उनमें से दो लोगों को चर्चित आरक्षक ने लेनदेन कर के छोड़ दिया। 

ज़िले के आला पुलिस अधिकारियों की इज्ज़त मटियामेट करने पर आमादा इस चर्चित आरक्षक को तमाम आरोपों के बावजूद विशेष टीम में जगह देने से पूरी विशेष टीम पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

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