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संपत्ति विवाद में सगे भाई पर फरसा चलाने वाला कांग्रेस नेता लगभग एक महीना बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

विधायक और शहर के एक बड़े पुलिस अधिकारी से सम्बंध की दिखाता था दादागिरी

बिलासपुर। अमेरी में रहने वाले 38 वर्षीय कपिल त्रिपाठी पर बीती 3 मई को उनके ही सगे बड़े भाई संजू उर्फ़ प्राणनाथ त्रिपाठी ने फरसे से जानलेवा हमला कर दिया था। कपिल ने बताया कि उनके बड़े भाई संजू त्रिपाठी ने डरा धमका कर, जान से मारने की धमकी देकर कई लोगों की जमीनों पर कब्ज़ा कर उन्हें अपने नाम करवा लिया है और अब उसकी नज़र अपने ही पिता की संपत्ति पर है।

मेरे पास ऐसा लिक्विड है जिससे लाश की हड्डियाँ भी गल जाती हैं

कपिल ने बताया कि संपत्ति के लालच ने अब संजू त्रिपाठी को दरिंदा बना दिया है। कपिल बताते हैं कि तीन तारीख़ की ही सुबह संजू, पिता को कहीं दूर जंगल में ले गया और गालियाँ देते हुए कहा कि “तुझे यहीं मार के गाड़ दूंगा। मेरे पर ऐसा लिक्विड है जिससे लाश की हड्डियाँ तक गल जाती हैं। तू ग़ायब हो जाएगा और किसी को कुछ पता भी नहीं चलेगा”

3 मई की दोपहर कुदुदण्ड वाले अपने मकान में बड़े बेटे संजू त्रिपाठी से गन्दी गन्दी गालियाँ सुनने और छोटे बेटे पर फरसा चलता देख पिता जयनारायण त्रिपाठी बेहद दुखी और डरे हुए हैं। फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि “अब ये कोई सामान्य पारिवारिक झगडा नहीं रह गया है। संजू ने सारी हदें पार कर दी हैं अब वो पूरी तरह एक खतरनाक अपराधी बन चुका है। अब हर किसी को उससे जान का खतरा है। जो आदमी अपने बाप की हड्डियाँ गला देने की बात कर सकता है, जो आदमी अपने भाई के सिर पर फरसा मार सकता है वो इस पूरे समाज के लिए खतरा है। अब जेल ही उसकी सही जगह है।” ये कहते हुए वो रोने लगे। उन्होंने आगे कहा कि संजू त्रिपाठी ने उनके साथ आज तक जितनी भी बार मारपीट की और धमकियाँ दी हैं, सबकुछ वो पुलिस को बताना चाहते हैं लेकिन डरते हैं कि बिलासपुर आने पर उनकी हत्या न हो जाए।

विधायक और शहर के एक बड़े पुलिस अधिकारी से सम्बंध की दिखाता था दादागिरी

बेटे के द्वारा हत्या कर दिए जाने का ये डर यूँ ही नही है। कपिल त्रिपाठी और पिता जयनारायण त्रिपाठी दोनो ने हमें बताया कि आरोपी संजू त्रिपाठी हमेशा ही अपनी ऊँची पहुँच की धौंस देता था कहता था कि विधायक भी मुझे भैया बोलता है। इतना कहकर वो विधायक महोदय से हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सुनवाता था।

लोग बताते हैं कि शहरी क्षेत्र के एक बड़े पुलिस अधिकारी के साथ पारिवारिक सम्बंध होने की बात कहकर भी वो लोगों को डराता धमकाता था।

सिर और पूरे शरीर में लगी गंभीर चोट के निशान दिखाते हुए पीड़ित कपिल त्रिपाठी ने बताया कि संजू त्रिपाठी के द्वारा किए गए और भी कई गंभीर और घिनौने अपराधों का सामने आना अभी बाकी है लोग डरे हुए हैं इसलिए सामने नही आ रहे। क्योंकि लोगों को लगा है कि पुलिस और नेता दोनों उसी का पक्ष लेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पुलिस और राजनीति दोनों को बदनाम करते हैं पुलिस को इस मामले में विशेष रूचि लेते हुए जल्द से जल्द उसे गिरफ़्तर करना चाहिए ताकि अन्य पीड़ित भी सामने आ सकें।

FIR के बाद अब जोड़ी गई है धारा 307

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश कश्यप ने बताया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संजू त्रिपाठी पर इस मामले में अब धारा 307 भी जोड़ ली है। संजू अभी फ़रार है लेकिन उसकी तलाश जारी है वो जल्द ही पुलिस की गिरफ़्त में होगा।

रासुका जैसी गंभीर धाराओं में जा चुका है जेल

साल 2012 में तात्कालीन ज़िला दंडाधिकारी (बिलासपुर) ठाकुर राम सिंह ने आदेश जारी किया था कि सार्वजनिक सुरक्षा के अनुरक्षण के प्रतिकूल किसी भी रीति से कार्य करने से रोकने के अभिप्राय से संजू उर्फ़ प्राणनाथ त्रिपाठी को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3(2) के के अधीन निरुद्ध करना आवश्यक है।

आरोपी संजू त्रिपाठी पर अबतक अलग अलग धाराओं में 30 से ज़्यादा अपराध दर्ज किए जा चुके हैं।

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