Tag : Ajay chandravanshi

कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

पुस्तक समीक्षा : मीना गुप्ता की किताब “यक्ष प्रश्न”

News Desk
समीक्षक : अजय चंद्रवंशी स्त्री की विडम्बना और अस्मिता का द्वंद्व समकालीन कथा साहित्य में स्त्री स्वर अपनी मुखरता के साथ उपस्थित है। अब वे...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

पुस्तक समीक्षा : कबूतर आकाश में उड़ रहा था और राष्ट्र की उन्नत तकनीक उसे पकड़ने का यत्न कर रही थी

Anuj Shrivastava
नासिर अहमद सिकंदर के इस कविता संग्रह “अच्छा आदमी अच्छा होता है” का समीक्षात्मक विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं कवर्धा के अजय चंद्रवंशी अच्छा आदमी...
कला साहित्य एवं संस्कृति दस्तावेज़

भोरमदेव मंदिर : किसने बनाया, कैसे पड़ा ये नाम

Anuj Shrivastava
शोधकर्ता व आलेख अजय चंन्द्रवंशी भोरमदेव मंदिर के निर्माता निर्धारण की समस्या छत्तीसगढ़ के खजुराहो के रूप में प्रसिद्द भोरमदेव का मंदिर अपने स्थापत्य और...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

राम की शक्तिपूजा

Anuj Shrivastava
आलेख : अजय चन्द्रवंशी, कवर्धा (छ॰ग॰) निराला की कविताओं में ‘राम की शक्तिपूजा’ को अधिकांश विद्वानों द्वारा उनकी श्रेष्ठ कविता माना गया है। इस कविता...
कला साहित्य एवं संस्कृति दस्तावेज़

राजाबेंदा का पुरातत्व

Anuj Shrivastava
आलेख व संकलन – अजय चन्द्रवंशी, कवर्धा, छ.ग. मो.9893728320 भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी कालीन अवशेष बिखरे पड़े हैं। ये अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के...
कला साहित्य एवं संस्कृति

अगरिया : लौहकर्म के आदिम असुर जनजाति

Anuj Shrivastava
पुस्तक समीक्षा वेरियर एल्विन भारतीय मानवशास्त्र में एक चर्चित नाम है। उनका अध्ययन क्षेत्र मुख्यतः मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्र रहा है। इस क्षेत्र के...
कला साहित्य एवं संस्कृति

पहचान के संकट से जूझते यूनूस की कहानी, अनवर सुहैल का उपन्यास “पहचान”

Anuj Shrivastava
पुस्तक समीक्षा : अजय चंद्रवंशी (कवर्धा, छत्तीसगढ़) आदमी की पहचान क्या है? उसकी जाति? मज़हब? पद, प्रतिष्ठा, या काबिलियत? आदमी इन द्वंद्वों में जीता रहा...
कला साहित्य एवं संस्कृति दस्तावेज़

छत्तीसगढ़ : घटियारी का शिव मंदिर

Anuj Shrivastava
भोरमदेव के फणिनागवंशियो के अवशेष मैकल श्रेणी के समानांतर दूर-दूर तक फैले हैं. उत्तर में पचराही से लेकर दक्षिण में खैरागढ़ क्षेत्र तक विभिन्न स्थलों...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति

शालवनों का द्वीप : बस्तर की एक और छवि

Anuj Shrivastava
बस्तर अपनी दुर्गम भौगोलिक स्थिति और आदिम जनजातीय संस्कृति के कारण बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में मानवशास्त्रियों के आकर्षण और अध्ययन का केंद्र रहा है।...