Tag : मसाला चिय

कला साहित्य एवं संस्कृति

4 . मसाला चाय में आज सुनिए शरद की व्यंग्य रचना “अतिथि तुम कब जाओगे” वाणी अनुज .

Anuj Shrivastava
रचना के कुछ अंश इस तरह हैं :- तुम जिस सोफ़े पर टांगें पसारे बैठे हो, उसके ठीक सामने एक कैलेंडर लगा है, जिसकी फड़फड़ाती...