Tag : दस्तक

कला साहित्य एवं संस्कृति

|| मुझे शक है, हर एक पर शक है || कुमार अंबुज .

News Desk
⭕. दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले कुमार अम्बुज की यह प्रासंगिक कविता पढ़ें. हम तमाम ऐसे लोग जो इस समय के चुने हुए...
अभिव्यक्ति राजनीति

चुनाव में चुनना क्या है? ःः सीमा आजा़द .

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27.04.2019 सत्ता किसी की भी हो, कॉरपोरेट और उसका सम्बन्ध आज खुली आंखों से नज़र आने वाली बात है। जब सत्ता यानि राज्य और कॉरपोरेट...
आंदोलन महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार राजनीति

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : महिला आन्दोलन और फासीवाद : सीमा आज़ाद 

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दस्तक, मार्च-अप्रैल 2019, अंक का संपादकीय 8 मार्च अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस हमारे सामने है। इस दिन महिलायें पितृसत्ता के कारण दमित कर दिये गये उनके...
कला साहित्य एवं संस्कृति

इतवारी कविता में आज हम लेकर आये हैं अनिल करमेले की कविता : लोहे की धमक

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इतवारी कविता में आज हम लेकर आये हैं अनिल करमेले की कविता : लोहे की धमक वाचन स्वर : बहादुर पटेल विडिओ एडिटिंग : कृष्ण...
कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

कवितायें ःः ज्योति शोभा ःः दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले

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⭕ || पकड़ने की कला में निपुण नहीं होती देह || वर्षों पुरानी हो गयी है देह  भार नहीं संभाल पाती चुंबन गिर रहे हैं  केशों की...
कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

कवितायें : ० प्रदीप मिश्र , ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले

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|| कब्र को किस तरह कहेगा घर || एलन कुर्दी से कोई पूछेगा घर कहाँ है भूख से बिलबिलाते हुए उठेगा और एक विस्फोट हो...
कला साहित्य एवं संस्कृति

|| प्रफुल्ल शिलेदार की कविताएँ ||   ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अंजू शर्मा        

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19.01.2019 पुस्तक मेला अभी खत्म हुआ है। किताबों की तिलिस्मी दुनिया अब मेले से निकलकर हमारे साथ हमारे घरों में आ गई है। ढेर सारी...
कला साहित्य एवं संस्कृति

|| प्रफुल्ल शिलेदार की कविताएँ ||     ⭕ दस्तक के लिए प्रस्तुति : अंजू शर्मा    

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पुस्तक मेला अभी खत्म हुआ है। किताबों की तिलिस्मी दुनिया अब मेले से निकलकर हमारे साथ हमारे घरों में आ गई है। ढेर सारी नई...
कला साहित्य एवं संस्कृति

? || हमें तो अब भी वो गुज़रा ज़माना याद आता है || :  ० दस्तक के लिए- यूनुस खान

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? ?  ? ० दस्तक के लिए अनिल करमेले 2019 की इस सर्द सुबह अगर किसी के किसी गैजेट पर ग़ज़लें बज रही हों, और मौसम गुलाबी...
कला साहित्य एवं संस्कृति

? || विश्‍वजीत के साथ कुछ पल || यूनुस ख़ान ० दस्तक के लिए प्रस्तुति : अनिल करमेले

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2.12.2018 ??? बीते हफ्ते एक आयोजन के सिलसिले में मेरी मुलाक़ात जाने-माने अभिनेता विश्‍वजीत से हुई और उन्‍हें क़रीब से जानने का मौक़ा मिला। विश्‍वजीत...