Tag : अनुज श्रीवास्तव

कला साहित्य एवं संस्कृति

अनुज श्रीवास्तव की कविता ःः तुम कभी तो बैठते होगे , अकेले कभी तो विचार करते होगे

News Desk
अनुज श्रीवास्तव  तुम कभी तो बैठते होगे अकेले कभी तो विचार करते होगे अपने काम, अपनी जिम्मेदारियों पर एक पत्रकार होते हुए तुम सच से...
कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

⭕ बात निकली है तो अब दूर तलक जाएगी – एक और कविता अनुज श्रीवास्तव

News Desk
अनुज श्रीवास्तव के जन्मदिन पर हमारे आग्रह पर प्रस्तुत . बात निकली है तो अब दूर तलक जाएगी लोग बेवजह की मौतों का सबब पूछेंगे...
कला साहित्य एवं संस्कृति महिला सम्बन्धी मुद्दे

होली ⚫ आपको भी बुरा नहीं लगना चाहिए ,अगर आपकी बिटिया के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा हो तो… अनुज श्रीवास्तव

News Desk
/ फोटो गूगल से प्राप्त / ** मैं उनत्तीस की हूँ, अब तक 15-20 फगुए खेल लेने चाहिए थे, लेकिन बामुश्किल 4-5 ही खेल पाई।...
अदालत आदिवासी कला साहित्य एवं संस्कृति महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार राजकीय हिंसा राजनीति

बस्तर हो जाता है ….कविता ,अनुज श्रीवास्तव

News Desk
* जब नगाड़ों की थाप की जगह फ़ौजी बूटों का शोर हो जाता है तो वो समां बस्तर हो जाता है जब कोतवाली की दीवार...
अदालत कला साहित्य एवं संस्कृति मानव अधिकार राजकीय हिंसा राजनीति

जज लोया मर गए तुम बोलो जय श्री राम :उस रात शेर ने न्यायपालिका का शिकार किया कहा न्याय व्यवस्था जटिल है, मामलों के त्वरित निपटारे के लिए अब से अदालत गुफ़ा बैठेगी _ अनुज श्रीवास्तव

News Desk
  अनुज श्रीवास्तव की कविता ** जज लोया मर गए तुम बोलो जय श्री राम मर गए या मार दिए गए क्या फ़र्क पड़ता है...