अभिव्यक्ति किसान आंदोलन नीतियां मानव अधिकार शासकीय दमन

सँयुक्त किसान मोर्चा सिवनी 26 जून को करेगा राजभवन का घेराव व जिला मुख्यालयों धरना प्रदर्शन

मध्यप्रदेश/ सिवनी|  संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देश के 550 से अधिक किसान संगठनों के लोगों ने  26 जून 2021 को खेती बचाओ लोकतंत्र बचाओ दिवस के रूप में अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। उक्त जानकारी आंदोलनकारियों की ओर से जारी प्रेसविज्ञप्ति में राजेश पटेल द्वारा दी गई है राजेश पटेल ने बताया कि उक्त कार्यक्रम की तैयारी को लेकर सँयुक्त किसान मोर्चा के अहम घटक किसान संघर्ष समिति के तत्वाधान में मात्रधाम कातलबोडी के ग्राम मोहगांव के प्रगतिशील किसान  परसराम सनोडिया के निज निवास पर क्षेत्रीय गाँवो के किसानों की बैठक    संपन्न हुई।

निकलों घर मकानों से अपने अधिकार तलब करो  तानाशाह बेईमानों से

किसानों के सुझाव के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी किसान संगठनों की ओर से किसान भाई भोपाल राजभवन का घेराव करेंगे। जो भोपाल नहीं पहुँच सकते वे अपने जिला मुख्यालय में अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे और केंद्र व राज्य की बहरी गूँगी अंधी  तानाशाह सरकार को उसकी ज़िम्मेदारी याद दिलाएंगे। किसान मोर्चा ने समस्त पीड़ितजन मजदूर, छोटे बड़े सभी व्यापारी, विद्यार्थी, बेरोजगारों  से अपील की है कि वे घरों से निकलें और किसानों का साथ दें।

क्या मांग रहे हैं किसान

आंदोलनरत किसानों ने 14 बिन्दुओं के साथ अपना मांगपत्र तैयार किया

  1. तीन किसान विरोधी कानूनों को खारिज किया जाए।
  2. किसानों की उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा प्रदान किया जाए।
  3. बिजली संशोधन बिल 2020 रदद् किया जाए।
  4. कोरोना काल के दरम्यान उपभोक्ताओं को भेजे गए अनाप शनाप बिजली के बिल माफ हों।
  5. विगत दिनों फुलारा के व्यापारी विक्रम सनोडिया के द्वारा किसानों के साथ की गई धोखाधड़ी की भरपाई के लिए मंडी बोर्ड के फण्ड से पीड़ित किसानों को राशि का भुगतान किया जाए व इसी तर्ज पर प्रदेश में अन्य जिलों में बिचौलिया/ठगों द्वारा किसानों के किए गए शोषण व लूट की भरपाई के लिए मंडी फण्ड से राहत पहुँचाई जाए।
  6. माचागोरा डेम में गौतम अडानी द्वारा निर्मित किए जाने वाले थर्मल पावर प्लांट परियोजना को रद्द किया जाए और रिक्त भूमि पर सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जाए।
  7. खरीफ 2020 की फसल क्षति के मुआवज़े की बकाया रकम खाते में डाली जाए।
  8. जंगली पशुओं से होने वाली फसल क्षति पर राजस्व पुस्तिका की धारा 6/4 में संशोधन कर क्षति पूर्ति राशि में दस गुना वृद्धि की जाए व एक माह की अवधि के भीतर किसान के खाते में राशि देना सुनिश्चित किया जाए।
  9. लालमाटी क्षेत्र के वे गाँव जहाँ पेच परियोजना का पानी नही पहुँचा है तत्काल पहुँचाने की व्यवस्था की जाए जैसा कि  राज्य सरकार ने चुनाव पूर्व वादा किया था ।
  10. मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट में प्रस्तावित 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी को क्रियान्वित किया जाए।
  11. कपुरदा से जोगीवाड़ा माइनर के टेंडर तत्काल करवाकर काम शुरू किया जाए ।
  12. शिक्षा व स्वास्थ्य का राष्ट्रीयकरण करने तथा शिक्षित बेरोजगारों को दस लाख रुपये शून्य ब्याज दर पर रोजगार हेतु सुलभ आवेदन पर कर्ज (प्रोत्साहन राशि)प्रदान की जाने व शेष शिक्षित बेरोजगारों को 5000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाने की व्यवस्था की जाए एवं शिक्षारत शासकीय अशासकीय विधालयों में विधार्थीयों के समस्त शिक्षण शुल्क माफ किए जाएँ ।
  13. कोरोना महामारी के कारण पलायन में गए हुए ग्रह वापसी मजदूरों को मजदूरी उपलब्ध करवाई जाए अथवा जीवन उपार्जन राशि 100 रुपये प्रति दिन/मजदूर दिया जाए।
  14. कोरोना काल के संकट से जूझ रहे व्यापरियों का टैक्स, बिजली का बिल, कर्ज पर ब्याज राशि माफ की जाए।

Related posts

सीजेआई ने की खुद दाखिल याचिका ,न्यायमित्र नियुक्ति : 6 माह में 24000 बच्चियों से रेप , सख्त दिशा – निर्देश की तैयारी मेंं .

News Desk

किसान आत्महत्याओं का अर्थशास्त्र……

News Desk

भारत बंद के समर्थन में ,SCST एक्ट को समाप्त कर दिये जाने से उत्पन्न संकट पर विचार करने एवं रणनीति बनाने हेतु बैठक / 29 को रायपुर मे .

News Desk