अभिव्यक्ति छत्तीसगढ़ पुलिस मानव अधिकार विज्ञप्ति शासकीय दमन

पत्रकार मनीष सोनी पर लगी गए ग़ैर ज़रूरी धाराएं हटाई जाएं: छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए जानकारी दी है कि उनके संगठन द्वारा शासन से मांग की गई है कि सरगुजा संभाग के निडर पत्रकार मनीष कुमार सोनी पर लगाए गए आपराधिक मामले को ख़त्म किया जाए।

सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग कर लोकतंत्रात्मक तरीक़े से बात रखने वाले पत्रकार मनीष कुमार सोनी पर लगाये गये गैर जरूरी धाराओं से मुक्त किया जाए।

विदित हो कि सरगुजा संभाग में बेबाक, निडर और निर्भीक पत्रकारिता के क्षेत्र में जनसरोकार की पत्रकारिता करने वाले पत्रकार मनीष कुमार सोनी पर पुलिस ने ‘एक फेसबुक पोस्ट को आधार बनाकर गम्भीरतम् धाराओं में निरुध्द किया है, जिसे प्रदेश के, डीजीपी व गृह मंत्री माननीय ताम्रध्वज साहू ने भी गलत कहा है।

संगठन के लोगों ने कहा कि जिस फेसबुक पोस्ट को आधार बनाकर पत्रकार मनीष कुमार के विरुद्ध सरगुजा पुलिस द्वारा दुर्भावनापूर्वक फर्जी मामला बनाकर एफआईआर दर्ज की गई है उस पोस्ट की टिप्पणी माननीय सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय का समर्थन करती है.

आदिवासी युवक पंकज बेक की कस्टोडियल डेथ का मुद्दा, गरीबों,किसानों और मेहनतकश मजदूरों की आवाज लगातार मीडिया बुलंद करते हुए उनके अधिकारों की रक्षा करते हुए शोषण से बचाते रहे, अवैध रेत माफिया एवं शासकीय भूमि को कब्जाने के मामले उजागर करने से रेत माफिया एवं भूमाफिया के निशाने पर हैं पत्रकार मनीष कुमार सोनी। लॉकडाउन में प्राईवेट शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर अभिभावकों से फ़ीस वसुली करने का मामला उजागर करने वाले पत्रकार हैं मनीष कुमार सोनी।
कामचोर और बेईमान कर्मचारी-अधिकारियों को उनके शासकीय जिम्मेदारियों का निर्वाहन कराने के लिए कलम के बाजीगर हैं मनीष कुमार सोनी।
स्वतंत्र पत्रकार के रूप में छत्तीसगढ़ ख़ासकर सरगुजा में आदिवासी समुदाय, समाज में हाशिए पर रहे लोगों की समस्याओं पर ,लगातार रिपोर्टिंग के माध्यम से उनकी आवाज़ सरकार के सामने लाने का काम करते हैं मनीष कुमार सोनी।

संगठन के लोगों ने कहा है कि “जहां तमाम इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार रेत माफिया, भूमाफिया,स्कूल माफिया के साथ मिलकर, आम जनता के आवाज को दबाने का काम करते रहे लेकिन पत्रकार मनीष सोनी ऐसा नहीं होने दिया । अधिकारी-कर्मचारियों के रसूख का इस्तेमाल कर गैरकानूनी काम करने वाले लोगों के कारनामों को लगातार उजागर करने वाले पत्रकार मनीष सोनी को आनन – फानन में गंभीरतम धाराएं लगाकर लोकत्रांतिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।”

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