क्राईम छत्तीसगढ़ पुलिस बिलासपुर विज्ञप्ति

रतनपुर : नई थानेदार से प्रभावित हैं लोग, चोरी के दो मामलों को कुछ ही दिनों में सुलझाया

गुरुवार 30 जुलाई को रतनपुर पुलिस ने चोरी की दो शिकायतों पर छानबीन करके संभावित जगहों पर छापा मारकर चोरी के सामान समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पहली कार्रवाई

निराला नगर निवासी फारूख खान ने बीती 26 तारीख़ को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक दिन पहले अरपा भैंसाझार डैम के पास खड़े उसके दो ट्रैक्टरों से किसी ने बैट्रीज़ चोरी कर ली हैं। मुखबिर की सूचना के आधार पर संदेहियों के ठिकाने पर छापा मारकर नई थानेदार ने चोरी की बैट्रीज़ बरामद कर ली। आरोपी गुलशन कुमार(28 वर्ष), सुदर्शन पोर्ते (25 वर्ष) और एक नाबालिग आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है। भदवि की धारा 379 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दूसरी कार्रवाई

29 तारीख को बेलतरा निवासी विनोद कुमार जयसवाल रिपोर्ट दर्ज कराई कि कि 26 और 27 तारीख की दरमियानी रात किसी ने उसके गोदाम में रखे महुआ के 7 कट्टे चोरी कर लिए हैं। नई थानेदार ने छानबीन की और बलराम सूर्यवंशी (21वर्ष), चंद्रहास सूर्यवंशी(23 वर्ष), सनी सूर्यवंशी (20 वर्ष), ओमप्रकाश (27 वर्ष) को हिरासत में लिया। आरोपियों के पास से चोरी का सामान बरामद कर लिया गया। भादवि 457, 380 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वैसे तो ये दो छोटी चोरियों की छोटी सी खबर है। पर आम लोगों की ऐसी छोटी छोटी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो जाए और कुछ ही दिनों में चोरी का सामान बरामद कर लिया जाए, ऐसा अमूमन कम होता है। सभी को एक बराबर सुनना और उनकी समस्या का निदान करना, रतनपुर की नई थानेदार के इसी स्वभाव के चलते वहां के लोग उनसे प्रभावित हो रहे हैं। सभी की शिकायतों पर एक बराबर गौर करना ये कुछ कुछ साम्यवाद की तरह है।

अखबारों में क्राइम बीट की खबर कुछ इस तरह प्रकाशित होती है के चोरी गए सामान की कीमत लाखों या करोड़ों में हो तो उस खबर को बड़ी जगह मिलती है, कुछ हजार की चोरियां सिंगल कॉलम में निपटा दी जाती हैं। समाचार चैनलों में भी बड़ी चोरियों की खबर वीडियो फुटेज और बाइट वगैरह के साथ देर तक चलाई जाती है छोटी चोरी की खबर नीचे पट्टी पर चलती है।

लेकिन वेब पोर्टल्स में प्रकाशित खबरों के साथ ऐसा नहीं होता। पोर्टल की खबरों में अखबारों की तरह कॉलम तो होते नहीं। यहां खबरें या तो प्रकाशित होती हैं या नहीं होती हैं। किसी रसूखदार के लिए बड़ी खबर छपे और आम आदमी के लिए छोटी सी खबर छपे, वेब पोर्टल्स में ऐसा नहीं होता। ये भी कुछ कुछ साम्यवाद की तरह है। जैसे कि PM का भी एक वोट और पंचर वाले का भी एक वोट। पोर्टल में सब बराबर हैं।

किसी का सामान चोरी हो जाने की शिकायत पर पुलिस की कार्यवाही भी बहुधा, चोरी हुए माल की कीमत पर ही निर्भर करती है। ज्यादा कीमत की चोरी पर ज़ाहिर है ज्यादा ध्यान लगाकर कार्रवाई करनी पड़ती है और छोटी-मोटी चोरियां तो होती रहती हैं। अब किसी के ट्रैक्टर की दो बैटरी या चोरी हो जाएं तो सारा थाना अपने ज़रूरी काम छोड़कर उसकी बैटरी थोड़ी ना खोजने लग जाएगा। आमतौर पर पुलिस के साथ लोगों का कुछ ऐसा ही अनुभव जुड़ा होता है।

सभी के लिए एक बराबर ज़िम्मेदार बने रहना भी आसान नहीं होता, पुलिस के लिए तो ये और भी मुश्किल होता है। हम उम्मीद करते हैं कि रतनपुर पुलिस आगे भी इसी तरह ज़िम्मेदार और मानवीय बनी रहेगी।

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