क्राईम छत्तीसगढ़ पुलिस बिलासपुर राजनीति रायपुर

रायपुर पुलिस ने ड्रग पैडलर भाजयुमो नेता और जीआरपी आरक्षक समेत 7 को रंगे हाथ पकड़ा, गोवा और पुणे से लाते थे ड्रग्स

रायपुर पुलिस की कार्रवाई: पुलिस आरक्षक और भाजयुमो नेता समेत 7 ड्रग पैडलर बिलासपुर से गिरफ्तार, गोवा से लाते थे ड्रग्स

ड्रग्स तस्करी के मामले में आज रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। नशे के इस कारोबार में बिलासपुर पुलिस का एक आरक्षक और भारतीय जनता युवा मोर्चा का एक नेता अभिषेक शुक्ला भी शामिल है।

रायपुर पुलिस ने बिलासपुर के अलग अलग ठिकानों से 7 ड्रग पैडलरों को गिरफ़्तार किया कई दिनों से रायपुर पुलिस बिलासपुर में छानबीन कर रही थी लेकिन इसकी भनक भी बिलासपुर पुलिस को नहीं लगने पाई। रायपुर पुलिस द्वारा बिलासपुर पुलिस को इस कार्रवाई से अलग रखने की क्या वजह हो सकती है ये भी सोचने का विषय है

गिरफ्तार आरोपी

01. अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड(भारतीय जनता युवा मोर्चा) पिता शशिकांत शुक्ला उम्र 26 साल निवासी यदुनंदन नगर तिफरा बिलासपुर।

02. मोह0 मिन्हाज उर्फ हनी पिता फजल मेमन उम्र 26 साल निवासी राज किशोर नगर बिलासपुर।

03. एलेन सोरेन पिता जार्ज सोरेन उम्र 22 साल निवासी बंधवापारा सरकण्डा बिलासपुर।

04. रोहित आहूजा पिता कन्हैया लाल आहूजा उम्र 21 साल निवासी खान बाड़ा जबड़ापारा बिलासपुर।

05. राकेश अरोरा उर्फ सोनू पिता अशोक अरोरा उम्र 28 साल निवासी कपिल नगर सरकण्डा बिलासपुर।

06. अब्दुल अजीम उर्फ सद्दाम पिता अब्दुल वहीद उम्र 27 साल निवासी पुराना बस स्टैण्ड बिलासपुर।

07. लक्ष्मण गाईन पिता सुधांशु गाईन उम्र 32 साल निवासी सिरगिट्टी बिलासपुर।

अभिषेक शुक्ला उर्फ़ डेविड भाजपा का नेता है और भाजपा के बड़े नेताओं का करीबी है। तस्वीरों से आप खुद ही अंदाजा लगा लीजिए कि पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल और वर्तमान बिलासपुर सांसद अरुण साव कबीर कितना करीबी है।

राजधानी रायपुर में प्रेस वार्ता कर आईजी आनंद छाबड़ा और एएसपी अजय यादव ने बताया कि ये सभी ड्रग्स पेडलर हैं। थाना कोतवाली के बैरन बाजार स्थित पाॅलीटेक्निक कालेज पास दिनांक 30.09.2020 को पहली बार नशीले पदार्थ एम.डी.एम.ए. के साथ आरोपी श्रेयांस झाबक एवं विकास बंछोर को गिरफ्तार किया गया था।

इन दोनों को गिरफ़्तार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ जारी की और बड़े रैकेट के सक्रीय होने की जानकारी मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए रायपुर पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार यादव द्वारा सायबर सेल एवं थाना कोतवाली की संयुक्त टीम का गठन किया गाय।

जानकारी मिली के ये लोग नाम बदल कर काम कर रहे थे।आरोपी श्रेयांस झाबक को “जैक” अभिषेक शुक्ला को “डेविड” एवं मिन्हाज मेमन को “हनी” नाम दिया गया था।टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड़ को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. ज़ब्त किया गया है जिसकी कीमत 15 लाख बताई जा रही है।

रायपुर पुलिस ने बिलासपुर के अलग अलग ठिकानों से 7 ड्रग पैडलरों को गिरफ़्तार किया कई दिनों से रायपुर पुलिस बिलासपुर में छानबीन कर रही थी लेकिन इसकी भनक भी बिलासपुर पुलिस को नहीं लगने पाई। रायपुर पुलिस द्वारा बिलासपुर पुलिस को इस कार्रवाई से अलग रखने की क्या वजह हो सकती है ये भी सोचने का विषय है।

सभी आरोपी ड्रग्स पैडलर्स के रूप में करते थे काम और राज्य के अलग – अलग जिलों में करते थे ड्रग्स की सप्लाई।
आरोपी लक्ष्मण गाईन जी.आर.पी. बिलासपुर में आरक्षक के पद पर पदस्थ था।

पुलिस की टीम द्वारा लगातार 10 दिनों तक काम करते हुए इस काले कारोबार से जुड़े आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई।

ड्रग्स का ये कारोबार सबसे पहले मिन्हाज मेमन बिलासपुर में प्रारंभ किया था और कुछ दिनों पश्चात् ही उसने अभिषेक उर्फ डेविड को अपने साथ इस व्यवसाय में शामिल कर लिया। दोनों इसी दौरान पुणे जाकर 02 – 03 बार ड्रग्स लेकर रायपुर व बिलासपुर में बिक्री किये थे परंतु पैसे के विवाद को लेकर दोनों के मध्य कुछ दिनों पश्चात् अनबन हो गई थी तब से इन दोनों अलग अलग काम करना शुरू कर दिया था।

इसी दौरान ड्रग्स के कारोबार में अभिषेक का अच्छा संपर्क बन चुका था। अलग कारोबार करने के दौरान अभिषेक अपने अन्य साथी एलिन सोरेन के संपर्क में आया। एलिन सोरेन गोवा में रहकर होटल मैजेनमेंट की पढ़ाई करता है इसी दौरान वह गोवा में ड्रग्स का कारोबार करने वाले नाइजीरियन (नीग्रो) के संपर्क में आया तथा वह भी इस व्यवसाय में जुड़ गया।

एलिन सोरेन ने गोवा में अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड का संपर्क नाइजीरियन (नीग्रो) से कराया तब से अभिषेक अपने पेडलर रोहित आहूजा और राकेश अरोरा के साथ कई बार जाकर ड्रग्स गोवा से लेकर आया और छत्तीसगढ़ में बेचने लगा। लक्ष्मण गाईन जो जी.आर.पी. में आरक्षक के पद पर बिलासपुर में कार्यरत है वो अभिषेक को ड्रग्स के लिये पैसे फायनेंस करवाया करता था।

अभिषेक और लक्ष्मण बिलासपुर में क्रिकेट खेलने के दौरान संपर्क में आए थे तब से कई बार लक्ष्मण की वर्ना कार से भी ये लोग गोवा जाकर ड्रग्स की तस्करी कर चुके हैं। दिनांक 27.09.2020 को लक्ष्मण और अभिषेक रायपुर में ड्रग्स की डिलीवरी करने आए थे लेकिन पुलिस को भनक लगने पर वे वहां से भाग गए थे।

रोहित और राकेश अरोरा को रायपुर व बिलासपुर में एक बार का ड्रग्स सप्लाई करने पर 1,000/- रूपये अभिषेक द्वारा दिया जाता था। चूंकि राकेश और रोहित गरीब तपके से है इसलिये अभिषेक ने उनको पैसा उधार लेने पर 08 प्रतिशत ब्याज लेकर फंसा रखा था और राकेश की एक्टिवा वाहन को भी रख लिया था। दिनांक 27.9.2020 को अभिषेक और लक्ष्मण गाईन के रायपुर आने की भनक सायबर सेल को लग जाने के पश्चात् और विकास बंछोर और श्रेयांस झाबक की गिरफ्तारी पश्चात् पकड़े जाने के डर से अपना मोबाईल फोन रास्ते में फेंक दिए और नया मोबाईल नंबर लेकर अपने रिश्तेदारी में इलाहाबाद जाकर छिप गए थे, जिसे तत्परता पूर्वक सायबर सेल की टीम द्वारा इलाहाबाद से हिरासत में लेकर रायपुर लाकर पूछताछ किया गया तो उसने संपूर्ण ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया और उसके निशानदेही पर आरोपी अभिषेक उर्फ डेविड द्वारा तिफरा बिलासपुर स्थित घर से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. कीमती लगभग 15,00,000/-रूपये जप्त किया गया।

5 अन्य ड्रग्स कारोबारियों की तलाश की जा रही है इसके अलावा कई अन्य ग्राहक जो ड्रग्स क्रय करते थे सभी फरार हो गये है, जिनकी पतासाजी की जा रही है। ऐसी जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी मिन्हाज मेमन अपने साथी सद्दाम के साथ रायपुर के कई क्लबों में भी ड्रग्स की सप्लाई करता था, जिसके संबंध में विस्तृत पूछताछ करते हुए जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आरोपियों द्वारा ड्रग्स की लत लगाने के लिये ग्राहकों को पहले सस्ते दाम में ड्रग्स दिया जाता है और लत लगने के बाद अधिक दामों में बिक्री किया जाता था। रायपुर पुलिस द्वारा ड्रग्स कारोबारियों के विरूद्ध अब तक की ये सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। नशे का कारोबार करने वाले कारोबारियों के विरूद्ध रायपुर पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

Related posts

जनमुक्ति मोर्चा के किसान ने डोंडीलोहारा में किया प्रदर्शन और सौंपा ज्ञापन तहसीलदार को.

News Desk

लखनऊ में जो योगी कर रहे हैं, अपने विरोधियों को लेकर हिटलर का ठीक यही रवैया था

News Desk

? कांकेर :  कॉ. रमेश नेताम नहीं रहे. :  अंधेरगर्दी के खिलाफ टिमटिमाते दिया थे कॉ. रमेश नेताम. 

News Desk