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NTPC सीपत स्थित बाल भारती स्कूल : सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका शुक्ला वीमेन इंपॉवरमेन्ट पुरस्कार से सम्मानित  :  स्कूल का मंच ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा है, इसी मंच ने मुझे झिझक तोड़कर नाचना, गाना, नाटक करना सिखाया था.

4.07.2017 ,बिलासपुर

NTPC सीपत स्थित बाल भारती स्कूल के 12th फाउंडेशन डे के उपलक्ष्य में आप कार्यकर्ता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका शुक्ला को वीमेन इंपॉवरमेन्ट पुरस्कार से सम्मानित किया ,मुख्य अतिथि के तौर पर उन्होंने सभा को संबोधित किया .

प्रियंका ने इस अवसर पर कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर और सावित्रीबाई फुले के किये काम की वजह से ही आज महिलाओं को यह सम्मान और अधिकार मिला है ,इस पूरी पीढ़ी को उनका आग्रही होना ही चाहिये .

उन्होंने आगे कहा कि स्कूल का मंच ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा है, इसी मंच ने मुझे झिझक तोड़कर नाचना, गाना, नाटक करना सिखाया था.

इस मंच पर लगातार एक विद्यार्थी के तौर खूब धमाल मचाया, तो कभी स्कूल की एक्टिविटी टीचर के तौर पर, तो कभी कोरियोग्राफर के तौर पर स्कूल से लेकर कॉलेज तक, पर कल ये मंच मुझे एक गेस्ट के तौर पर प्रदान किया गया था.

स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद इस कार्यक्रम में जाना काफी पहले ही तय कर चुकी थी, क्योंकि यहां,आने वाली पीढ़ी से मुखातिब होना था। साथ ही थीम भी “महिलाशक्ति” थी।
अब ऐसे में जहां आज हम महिलाओ के लिए असुरक्षित समाज वाले देश मे रह रहे हो, तो ये कार्यक्रम औऱ विषय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.

बहुत सारे अनुभव और उम्रदराज वाले लोगो के बीच अपनी बात रखने का मौका मिला,नही पता कि बात को कितना रख पाई, पर बच्चियों के माता-पिता को अगाह करके आयी हूँ कि डिग्री तब महत्वपूर्ण होगी जब हमारी बच्चियां सुरक्षित होंगी, वरना क्या फायदा इतनी पढ़ाई लिखाई का भी, इसलिए अपने बच्चों से अब वो प्रश्न पूछना कम करिये जिसमे हम और आप सिर्फ ये कहते है.. लंच फिनिश किया??? होमवर्क किया?? नम्बर कितने मिले टेस्ट में??

अब प्राथमिकता वाले सवालों में पूछिये अपने बच्चों से कि कोई तुम्हे परेशान तो नही करता??? स्कूल में सब ठीक तो है ना? लाने ले जाने वाला ड्राइवर ठीक तो है ना?? कोई घूरता तो नही??आदि।।
अब इसका कितना असर हुआ हो नही पता…
पर कहकर तो आई हूँ.

 

 

प्रियंका के वक्तव्य का वीडियो

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