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NRC Protest UP : 8 साल के बच्चे समेत 11 की मौत, सर्विस रिवॉल्वर से नहीं निजी असलहों से गोली दाग रही पुलिस

दिल्ली मे छत्रों के साथ पुलिस द्वारा अमानवीय व्यवहार किएजाने बाद अब उत्तर प्रदेश मे पुलिस द्वारा 11 लोगों को जान से मार देने की ख़बरें आ रही हैं। उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध तेज होता जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश मे NRC का विरोध करने वालों के साथ पुलिस द्वारा की जा रही हिंसा मे अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने पूरे प्रदेश मे धारा 144 लागू कर दी है। स्कूल कॉलेज सब बंद कर दिए गए हैं। खबर ये भी है कि कई ज़िलों मे इंटेरेट सुविधा बन्द कर दी गई है। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आँसू गैस के गोले दागे गए हैं।   

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया है और आंसू गैस के गोले दागे हैं. पुलिस ने ये कार्रवाई तब तक जब लोगों ने एक थाने पर पथराव किया. शनिवार को दिल्ली स्थित यूपी भवन के सामने भी प्रदर्शन हुए हैं.

सर्विस रिवॉल्वर से नहीं निजी असलहों से गोलियां दाग रही है पुलिस

इन 11 लोगों कि मौत के अलावा अभी अभी ये जानकारी मिली है कि बाबूपुरवा, कानपुर, उत्तर प्रदेश में 12 लोगो को गोलिया मारी गयी है, जिनमे से 3 लोगो की मौत हो चुकी है, बाकी सभी गंभीर है ICU में भर्ती है, पुलिस ने बहुत नज़दीक से मारी है, और सर्विस रिवाल्वर का इस्तेमाल नही कर रहे है, बल्कि निजी असलहों का इस्तेमाल किया गया है, बाइक में आग लगाई गई है।

मरने वालों में आठ साल का बच्चा भी

फ़ोटो : द क्विंट

क्विंट के मुताबिक जिन ग्यारह लोगों की मौत हुई है, उनमें से चार मेरठ में हुई हैं. आठ साल के बच्चे की मौत वाराणसी में हुई. ये बच्चा उस भगदड़ की चपेट में आ गया जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को खदेड़ रही थी. बाकी छह लोगों की मौत बिजनौर, लखनऊ, संभवल, फिरोजाबाद और कानपुर में हुई. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई है. गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बहराइच, मुजफ्फरनगर, कानपुर, उन्नाव, भदोही में जुमे की नमाज के बाद भीड़ की पुलिस से झड़पें हुईं. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया. जवाब में पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया. राज्य में सैकड़ों की तादाद में लोग गिरफ्तार किए गए हैं.

धारा 144, स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं रद्द

यूपी में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध और हिंसा को देखते हुए राज्य में स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. राज्य में अब भी धारा 144 लागू है. इसके अलावा पॉलिटेक्निक की विशेष परीक्षा और यूपी टीईटी की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है. राज्य के कई इलाकों में इंटरनेट भी बंद है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल 28 जिलों में इंटरनेट बंद है.

फ़ोटो : गूगल

हमारे ही बच्चे मारे गए और हमें ही डर सता रहा है

बीबीसी ने लिखा है कि शुक्रवार को पुलिस और स्थानीय नागरिकों में हुई झड़प के बाद दो युवाओं की मौत से शहर में शांतिपूर्ण तनाव जारी है.
एक शहरवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “दिन में हुई इस झड़प के बाद रात के वक़्त ज़्यादातर युवाओं को उनके घरवालों ने घर से दूर रिश्तेदारियों में भेज दिया. हमें डर था कि कहीं पुलिस रात में ही घरों में घुस उनको उठाकर अपने साथ न ले जाए.”एक महिला ने बताया, ‘हमें लगातार पुलिस का खौफ़ है. हमारे ही बच्चे मारे गए और हमें ही डर सता रहा है.”

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