Covid-19 अभिव्यक्ति बिलासपुर

पत्रकारों के सवालों का जवाब तक ढंग से नहीं दे पाए लायंस क्लब गोल्ड के पदाधिकारी

बिलासपुर। कोरोना काल में पत्रकारों की मदद के सवाल पर जवाब तक नहीं दे पाईं लायंस क्लब गोल्ड क्लब की पदाधिकारी ये कैसी सेवा, जो संविधान के चौथे स्तंभ को भी भूल जाते हैं

बिलासपुर लायंस क्लब गोल्ड द्वारा आज विजयापुरम स्थित भवन में कोरोना वॉरियर्स के लिए सम्मान समारोह रखा गया था जहां पर लायंस क्लब गोल्ड की महिला पदाधिकारियों ने अपने जान पहचान के लोगों का सम्मान किया।

मुट्ठी भर लोगों द्वारा किए गए कार्यक्रम में बार-बार सवाल उठते रहे कि मुख्य धारा के कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम करने वाले लोगों को भूलकर आखिर अपने जान-पहचान वाले लोगों का सम्मान करना क्या सही में कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करना कहलाएगा।

कार्यक्रम के दौरान लायंस क्लब गोल्ड की अध्यक्ष और सचिव चुन्नी मौर्य समेत लायंस क्लब गोल्ड के समस्त पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को सम्मानित कर उन्हें भेंट स्वरूप उपहार भी दिया गया, लेकिन इन सबके बीच बड़ी बात यह रही कि जिन पत्रकारों के सम्मान की बात लायंस क्लब गोल्ड के पदाधिकारी करते नजर आए, उनमें से आधे से भी अधिक पत्रकार मौके पर नजर नहीं आए।

वाहवाही लूटने के लिए चंद लोगों को बुलाकर सम्मान कर देना क्या यही पत्रकारिता का सम्मान है। समाज के सबसे शुरुआती स्तर पर काम करने वाले और मुख्य कोरोना वॉरियर्स सफाई कर्मियों का मौजूद न होना खटकने वाली बात थी।

कार्यक्रम के बाद संस्था के पदाधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। पत्रकारों ने लायंस क्लब गोल्ड के पदाधिकारियों से एक छोटा सा सवाल पूछा कि “कोरोनाकाल में दर दर भटक रहे पत्रकारों की आपने किस तरह की और का मदद की है?”

ये सवाल सुनते ही पदाधिकारियों की ज़बान चिपक गई इस सवाल का लायंस क्लब गोल्ड के पदाधिकारियों के पास कोई जवाब ही नहीं था।

इस पूरे आयोजन से ऐसा लगा कि पत्रकारों का सम्मान करने के नाम पर वे सिर्फ अपना नाम चमकाना चाह रहे हों।

कोरोना वारियर्स का सम्मान करने के नाम पर इस तरह के आयोजनों की बाढ़ सी आ गई है। मुश्किल के समय किसी ने पत्रकारों की कोई सहायता की नहीं और मुश्किल समय निकल जाने के बाद सम्मान देने के नाम पर वाहवाही बटोरने वाले आयोजन हो रहे हैं।

एक सीधे से सवाल का जवाब देने के समय पदाधिकारी अपनी बगलें झांकने लगे।

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