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भूमाफिया : फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों से ज़मीन हड़पने का कारोबार, पटवारी समेत 7 पर FIR दर्ज करने की मांग

बिलासपुर। शहर और आसपास के इलाकों में फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनवाकर दूसरों की जमीनें हड़पने का फर्जीवाड़ा चल रहा है। जानकारों और इस फर्जीवाड़े का शिकार हो रहे लोगों का कहना है कि इस तरह के दो नम्बरी कामों में लिप्त लोग करोड़ों का वारा न्यारा करते हैं। लोगों ने ये भी बताया कि कुछ वर्षों पहले तक जो लोग होटलों में हलवाई और सड़क किनारे ठेला गुमटी लगाकर बामुश्किल अपना गुजारा चलाते थे, ज़मीन खरीदी बिक्री का फर्जीवाड़ा करते करते आज वे लोग लाखों करोड़ों के आसामी बनकर लंबी लंबी कारों में घूम रहे हैं।

कुछ दिनों पहले अमेरी निवासी प्रार्थी ईशान त्रिपाठी ने सकरी थाने में आवेदन देकर ऐसे भूमाफियाओं के ख़िलाफ़ नामज़द FIR करने का निवेदन किया है। प्रार्थी ने अपने आवेदन में सुभाष सिंह राजपूत, सुरेश कुमार मरावी, जमुना बाई मरावी, रमेश कुमार गोड़, भगउ गोड़, पटवारी सनत कुमार पाण्डे एवं तहसीलदार के विरुद्ध FIR दर्ज करने की मांग की है।

प्रार्थी का कहना है कि उक्त सभी लोगों ने मिलकर ग्राम उसलापुर स्थित ज़मीन (प.ह.न. 23/45 रा.नि. म. सकरी तहसील तखतपुर ज़िला बिलसपुर में खसरा न.294/2 कुल रकबा 0.30 डिसमिल) को फ़र्ज़ी तरीके से झूठे दस्तावेज़ बनवाकर हड़प लिया है। प्रार्थी के बताए अनुसार आरोपित सुभाष सिंह ‘बक्सर क्षत्रीय समाज मुंगेली का क्षेत्रीय अध्यक्ष है।आरोपी सुभाष सिंह

  तस्वीर – आरोपी सुभाष सिंह

प्रार्थी ईशान त्रिपाठी ने कहा कि “संबंधित भूमि जो कि अब नगर निगम के अंतर्गत आती है वो 1978 के राजस्व अभिलेखों में सुरेश कुमार मुरारका के पिता बजरंग मुरारका के नाम पर दर्ज थी, जिसे बजरंग मुरारका द्वारा सन 1965 में बाजीराव नाम के व्यक्ति से क्रय किया गया था तथा सन 1985 को बजरंग मुरारका ने बटवारानामा के द्वारा अपने पुत्र सुरेश कुमार मुरारका को ये ज़मीन दे दी थी। बटवारानामा के आधार पर सभी राजस्व अभिलेखों में ये ज़मीन सुरेश कुमार मुरारका के नाम से दर्ज कर दी गई थी। वर्ष 2020 में जब संबंधित ज़मीन के राजस्व अभिलेखों की जानकारी निकाली गई तो मालूम चला कि भूमि को फ़र्ज़ी तरीके से सुरेश कुमार मुरारका के नाम विलुप्त कर दिया गया है तथा बी-1,पी-2 एवम राजस्व अभिलेखों में प्रीतम सिंह पिता अंजारे राम के नाम पर दर्ज कर दिया गया है। और पता लगाने पर मुझे पता चला कि सन 2006 में फ़र्ज़ी तरीके से तस्तावेज़ तैयार कर सामान्य जाती के व्यक्ति की भूमि को आदिवासी की ज़मीन बनाकर आरोपियों ने प्रशासन के साथ धोखाधड़ी की और भूमि को सुभाष सिंह राजपूत के नाम से अभिलेखों में दर्ज करवा लिया है”

प्रार्थी ने सकरी थाने के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर उक्त मामले में सम्मिलित सभी आरोपियों पर FIR दर्ज कर उनपर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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