अभिव्यक्ति आंदोलन छत्तीसगढ़

भिलाई स्टील प्लांट के खिलाफ़ श्रमिक आंदोलन, कोविड से मृत मजदूर के परिवारों को मुआवज़ा, संविदा आदि की मांग

भिलाई स्टील प्लांट के खिलाफ़ श्रमिक आंदोलन, कोविड से मृत मजदूर के परिवारों को मुआवज़ा, संविदा आदि की मांग

भिलाई। कोरोना के मुश्किल समय में बड़ी बड़ी कंपनियों का अमानवीय चेहरा सामने आ रहा है। भिलाई स्टील प्लांट के मजदूरों की तरफ़ से भी ऐसी ही शिकायत सामने आई है।

भिलाई स्टील प्लांट के भी कई मजदूरों की जान कोविड 19 की वजह से गई है। मृत मजदूरों के हक की आवाज़ उठाने वाले 14 श्रमिकों को भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने निलंबित कर दिया है।

भिलाई इस्पात संयंत्र की इसी हरकत का विरोध करते ही सैकड़ों श्रमिकों द्वारा हल्ला बोल संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 12 जून को आईआर गेट चौक, सेक्टर-1 में कोविड संक्रमण में मृतक कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने, प्रत्येक परिवार को 50 लाख रूपये का मुवावजा देने तथा कोरोना से सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी 14 युवा कर्मचारियों का निलंबन खत्म कर उन्हें काम पर वापस लिये जाने आदि ज्वलंत मांगों पर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक धरना दिया गया तथा बीएसपी औद्योगिक विभाग के माध्यम से सेल चेयरमैन शोभा मंडल को ज्ञापन दिया गया।

इस संघर्ष मोर्चे में हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक युनियन ( सीटू), ऐक्टू, लोईमू, हाऊस लीज संघर्ष समिति, भिलाई लोक सृजन समिति, गोंडवाना समाज आदि संगठन शामिल है।

इस एक दिवसीय धरने में योगेश सोनी, जमील अहमद, मोहित साहू, सुरेश चंद, जिया सिद्की, कमलेश चोपड़ा, शुभम साहू, दिनेश कुमार, विश्वरुप वर्मा, संतोष कुमार, मोहम्मद अख्तर, कुंजबिहारी मिश्रा, सुरेश नायर, मुक्तानंद साहू, विनोद राजपूत, कलादास डहरिया, सुरेंद्र मोहंती, जयप्रकाश नायर, ओ.पी. शर्मा, के.डी.निर्मलकर, अमित बर्मन, आदित्य वर्मा, रंजन कुमार, डी.पी. सिंग, अली अकबर, श्रीनिवास राव, अशोक मिरी, श्यामलाल साहू, मीर अली, सीजु मेथ्यु, विजय बहादुर, वाय.वेंकट सुबलु, सरोज़, सबीना, आमनी के अलावा कोविड से मृत दिवंगत टेकराम, अनिल कुमार वर्मा, अजित राम कृषक, शिवराम, विजय कुमार मुखर्जी, लक्ष्मी नारायण, के.अप्पा राव, अप्पला स्वामी आदि के परिवारजनों ने भी हिस्सा लिया।

धरने की शुरुआत मांगों के बेनर-पोस्टरों के साथ सड़क पर प्रदर्शन तथा 12 जून 2014 को संयत्र पम्प हाऊस में गैस रिसाव से अपनी जान गंवाने वाले श्रमिको और कोविड संक्रमण से मृत कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देने के साथ की गई।

हल्ला बोल संघर्ष मोर्चा ने भिलाई-दुर्ग के सभी श्रम संगठनों का आव्हान किया हैं कि एक साथ मिलकर श्रमिकों की आवाज़ बने। संघर्ष मोर्चे ने कहा है कि हर मुद्दे पर आपसी एकता और सामजंस्य के साथ सड़क की लड़ाई के अलावा कोई विकल्प नहीं हैं।

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