आंदोलन छत्तीसगढ़ मजदूर मानव अधिकार वंचित समूह

कोरबा: आंदोलन और घेराव के बाद घाटमुड़ा विस्थापितों का हाल जानने आए SECL गेवरा महाप्रबंधक, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने दिया tp

कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा घाटमुड़ा से विस्थापित और गंगागनगर में पुनर्वासित परिवारों की लंबित समस्याओं को लेकर गेवरा एसईसीएल कार्यालय के घेराव के बाद अपने वादे के अनुरूप महाप्रबंधक एस के मोहंती कल गंगानगर पहुंचे, गांव का भ्रमण किया, जन समस्याओं से रू-ब-रू हुए और तत्काल समाधान योग्य समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए हैं। उनके साथ कोरबा के महापौर राजकिशोर प्रसाद भी थे।

उल्लेखनीय है कि एसईसीएल की गेवरा परियोजना के लिए वर्ष 1980-81 में घाटमुड़ा के 75 परिवारों को विस्थापित किया गया था तथा 25 एकड़ के प्लॉट में गंगानगर ग्राम में उन्हें बसाया गया था। लेकिन पुनर्वास के 40 सालों बाद भी यह गांव बुनियादी मानवीय सुविधाओं स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, गौठान, मनोरंजन गृह, श्मशान घाट, पार्क आदि से वंचित हैं, जिसे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की थी। एसईसीएल की इस उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों के साथ मिलकर माकपा ने पिछले सप्ताह ही मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया था।

महाप्रबंधक और महापौर का ग्राम गंगानगर पहुंचने पर माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, किसान सभा के नेताओं जवाहर सिंह कंवर, नंदलाल कंवर, रामायण सिंह कंवर, संजय यादव, पुरुषोत्तम कंवर, रघु कंवर, देवकुंवर, शशि कंवर आदि ने स्वागत किया। आंदोलनकारी नेताओं के साथ गांव भ्रमण करते हुए ही उन्होंने पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बिगड़े पंपों को तुरंत सुधारने, स्ट्रीट लाइटों को लगाने और बेरोजगारों को वैकल्पिक रोजगार देने आदि के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। गांव के स्कूल को बेहद जर्जर और मरम्मत योग्य न पाते हुए नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए हैं।

अन्य समस्याओं को जानने के लिए उन्होंने ग्रामीणों के साथ एक चौपाल भी लगाई और उन पर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्रामीणों से रोजगार चाहने वाले युवकों की सूची भी मांगी है और आश्वासन दिया है कि एसईसीएल उनके लिए वैकल्पिक रोजगार का प्रबंध तुरंत करेगा। माकपा ने एसईसीएल महाप्रबंधक की इस सकारात्मक पहलकदमी का स्वागत किया है। पार्षद राजकुमारी कंवर ने मड़वाढोढा गांव की समस्याओं को हल करने के लिए स्ट्रीट लाइट, तालाब गहरीकरण, सड़क मरम्मत, मंच, पचरी निर्माण आदि कार्यों के लिए भी उन्हें ज्ञापन सौंपा।

एसईसीएल के ज्ञात इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी महाप्रबंधक ने किसी गांव का दौरा कर वहां की समस्याओं का जमीनी निरीक्षण किया हो। माकपा के आंदोलन और महाप्रबंधक के इस दौरे की आम जनता में चर्चा है और अन्य गांवों के भूविस्थापित ग्रामीणों को भी आशा बंधी है कि उनकी समस्याएं भी देर-सबेर हल होंगी।

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