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ट्रेड यूनियनों ने किया नगरनार निर्माणाधीन स्पातसंयंत्र के निजीकरण का विरोध

जगदलपुर/रायपुर। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने नगरनार में निर्माणाधीन इस्पात संयत्र के निजीकरण के प्रयासों का तीव्र विरोध करते हुए केंद्र सरकार से ऐसे किसी भी कदम से बाज आने की चेतावनी देते हुए नगरनार संयत्र के निजीकरण के प्रयास के खिलाफ गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी विरोध सप्ताह मनाकर सभी जिलों में प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला लिया था।

रायपुर में हुआ विरोध प्रदर्शन में सीटू के सचिव व सी जेड आई ई ए के महासचिव धर्मराज महापात्र, तृतीय वर्ग शास कर्म संघ के अध्यक्ष राकेश साहू, एस टी यू सी के सचिव एस सी भट्टाचार्य,आर डी आई ई यू के अध्यक्ष अलेक्जेंडर तिर्की ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासियों की जमीन पर आम जनता के पैसे से निर्मित इस संपत्ति को केंद्र सरकार द्वारा एन एम् डी सी की बजाय निजी हाथों में सौंपने के किसी भी प्रयास को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि नेशनल मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमडीसी) के द्वारा जगदलपुर के समीप ग्राम नगरनार में निर्माणाधीन 3 बिलियन टंन के वार्षिक उत्पादन क्षमता वाले स्टील प्लांट का कार्य प्रारंभिक-औपचारिक रूप से 2001 भूमि अधिग्रहण से प्रारंभ हुआ था। जिसके लिए एक हजार एकड़ जमीन अधिकृत की गई थी जिसमे राज्य सरकार के साथ ही आदिवासियों की जमीन शामिल है। 2012 से उसका निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था जो वर्तमान में अपने अंतिम चरण में है।

नगरनार प्लांट के लिए एनएमडीसी के द्वारा स्वयं का 20,000 करोड़ रुपया खर्चा किया गया है। किसी प्रकार से कहीं से भी कोई कर्ज नहीं लिया गया है। इसके निजीकरण के प्रयासों पर राज्य सरकार से भी इसमें कोई सलाह नहीं की गई, जबकि इसमें राज्य सरकार की भी भागीदारी है, यह संविधान के तहत संघीय प्रणाली का भी खुला उल्लंघन है। आदिवासियों की सम्पत्ति पर निर्मित इस कारखाने को निजी लूट के लिए बेचने की तैयारी हो रही है, जिसका प्रदेश के मजदूर वर्ग जोरदार विरोध कर रहे है।

इन प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। करोना के बाद स्थिति सामान्य होने के बाद नगरनार में बड़ा प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा जिसमे सभी ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय नेतृत्वकारी साथी भी शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में मारुति डोंगरे, धृतलहरे, रामाधार साहू, ज्योति पाटिल, के के साहू, अनुसुइया ठाकुर भी शामिल थे। छत्तीसगढ़ संयुक्त ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच ने केंद्र की भाजपा सरकार से नगरनार के निजीकरण के किसी भी पहल को तत्काल रोकने की मांग की।

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