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जगदलपुर : बाल संप्रेक्षण गृह में नाबालिग ने लगाई फांसी, पूरे प्रदेश के बाल संप्रेक्षण गृह हैं बदहाल

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के महिला एवम् बाल विकास विभाग के अंतर्गत चलने वाले बाल संप्रेक्षण गृहों में अव्यवस्थाओं और बदहाली का आलम अब किसी से छिपा नहीं है।बिलासपुर में HIV पोजीटिव बच्चियों को विभाग और पुलिस द्वारा खूनाखून होते तक पीते जाने की घटना के बाद अब एक और मामला जगदलपुर से निकाल कर आया है।

खबर मंथन न्यूज़ पोर्टल ने 24 अगस्त को प्रकाशित अपनी खबर में लिखा है कि जगदलपुर के बोधघाट थाना क्षेत्र के वृंदावन कॉलोनी में स्थित बाल सम्प्रेक्षण गृह में सोमवार की सुबह एक नाबालिग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना की सूचना पर पुलिस, तहसीलदार तथा अन्य अधिकारी मौके पर पहुँ चे।

मिली जानकारी के अनुसार रोजाना की तरह सोमवार की सुबह भी सभी बच्चे योगा करने के लिए उठकर नित्य क्रिया करने एक – एक कर बाथरूम जाकर वापस लौट आए। लेकिन दो दिनों पहले ही कोंडागांव से लाया गया 14 वर्षीय बच्चा बाथरूम से बाहर नही निकला। इस ओर किसी ने ज्यादा ध्यान नही दिया। इसी बीच एक अन्य बच्चा बाथरूम पहुँचा। उस बच्चे के होश तब उड़ जब उसने कोंडागांव से पहुँचे बच्चे की लाश को गमछे से बने फांसी के फंदे पर लटकते हुए देखा। घबराकर उस बच्चे ने घटना की जानकारी अन्य लोगों की दी। इस घटना से बाल सम्प्रेक्षण गृह में दहशत फैल गई है।

कहा जा रहा है कि मामले की जांच की जा रही है लेकिन दोषी अधिकारियों पर अब तक किसी कार्रवाई या FIR लिखे जाने की सूचना नहीं है।

इससे पहले बिलासपुर के संप्रेक्षण गृह में भी एक नाबालिग ने फांसी लगा ली थी उस मामले में भी किसी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

महिला बाल विकास के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लग रहे हैं, बाल संप्रेक्षण गृह में बच्चों की मौत हो रही है और सरकार ढोलक की थाप पर अपनी मौज में मगन है।

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