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किसान आंदोलन में शहीद हुए 35 किसानों के सम्मान में मानव श्रृंखला

रायपुर/बिलासपुर। तीन कृषि कानूनों और बिजली कानून 2020 को रद्द करने की मांग के साथ चारों दिशाओं से दिल्ली की सीमा पर शांन्तिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को समर्थन देने और 25 दिनों से भी से जारी इस आंदोलन में अपनी शहादत दे चुके लगभग 35 किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए बीते कल छत्तीसगढ़ के अनेक शहरों कस्बों में लोग इकट्ठे हुए।

रायपुर

श्रद्धांजलि सभा मे मौजूद लोगों ने बताता कि किसान आंदोलनकारियों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी, अर्बन नक्सली जैसे घिनौने आरोप लगाकर बदनाम करने की सरकारी कोशिशों का पुरजोर विरोध करते हुए माकपा, ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता, रंगकर्मी, पत्रकार, चिकित्सक, साहित्यकार, लेखक, छात्र, युवा, महिलाओं, शिक्षाविदों ने किसान आन्दोलन में शहीद हुए साथियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साथ सम्पूर्ण एकता का इजहार कर मानव श्रृंखला का निर्माण किया है।

बिलासपुर

सीटू, छत्तीसगढ़ के सचिव धर्मराजम महापात्र ने बताया कि रायपुर में नगर निगम कार्यालय के सामने स्थित गार्डन के समक्ष दोपहर 12 बजे आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा व मानव श्रृंखला में शामिल साथियों को माकपा नेता धर्मराज महापात्र, चिकित्सक डाक्टर विप्लव बंदोपाध्याय, ईप्टा के अरुण काठोटे, ट्रेड यूनियन नेता राकेश साहू, एस सी भट्टाचार्य, बी के ठाकुर, प्रदीप मिश्रा, नवीन गुप्ता, अपूर्व गर्ग, एस एफ आई के राजेश अवस्थी, रीमेश कन्नोजे, जनवादी नौजवान सभा के मनोज देवांगन, साजिद रजा, माकपा जिला सचिव शेखर प्रदीप गभने, फिल्मकार शेखर नाग, जनवादी महिला समिति की अंजना बाबर , प्राचार्य नीतू अवस्थी ने प्रमुख रूप से संबोधित किया।

किसान नेता नन्द कश्यप ने बताया कि बिलासपुर में सभी वर्गों के लोगों ने इकट्ठे हो कर मानव श्रृंखला बनाई और शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी।

सभी वक्ताओं ने सरकार से हठ त्यागकर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले प्रतिगामी और किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग की और कहा कि किसानों का यह आंदोलन न केवल भारतीय कृषि के हित में है बल्कि यह हमारे भोजन की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। सरकार स्वामीनाथन आयोग द्वारा अनुशंसित न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी रूप से लागू करके किसानों के साथ न्याय करे।

समस्त संगठनों ने नागरिक समाज के प्रत्येक हिस्से से इस न्याय युद्ध में किसानों का साथ देने और किसानों के प्रतिरोध के साथ सम्पूर्ण एकता को मजबूत बनाने के साथ ही अदानी, अम्बानी के उत्पादों का सम्पूर्ण बहिष्कार का आव्हान किया।

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