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किसानो की आत्महत्या का दिया सरकार ने विधानसभा में जबाब ,6 जुआ ,5 बीमारी और दो ने की पारिवारिक कारणों से खुकशी,नहीं मरा कोई किसान क़र्ज़ से –शर्म है ही नहीं तो आयेगी कहाँ से

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छत्तीसगढ़ सरकारं ने कल विधान सभा में 33 किसानो की मौत का हिसाब दिया ,लेकिन कुल 105 किसानो की खुदकशी पर मौन रही ,किसी भी किसान की मौत क़र्ज़ या खेती के बिगड़ने या उचित कीमत को कारण नहीं बताया ,
2.8.17 नईदुनिया/ रायपुर
क़र्ज़ से किसानो की आत्महत्या के आरोपो से घिरी सरकार ने मंगाल्वर को विधान सभा में हिसाब दिया .इसमें 6 की मौत की वज़ह शराब और जुआ सट्टा को जिम्मेदार बताया गया . .5 की कुद्काशी का कारण बीमारी और मानसिक रोग बताया और वही दो के लिये पारिवारिक कारणों को मौत को गले लगाने के लिए जिम्मेदार बताया गया .
सरकार ने किसी भी किसान को कर्ज़ से परेशन होने के आरोप से इन्कार कर दिया .
संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी ने विधान सभा में बताया की दुर्ग के कौशल देवांगन खुदकशी के 15 दिन पहले से मानसिक रूप से परेशान था . राजनंदगांव का भूषण लाल शराब का आदी था ,जिसे पति पत्नी के बीच विवाद होता था .डोंगरगांव का कुंवर सिंह बहु उसके साथ मारपीट और गाली गलौज करती थी .देह्राराम लकवा ग्रस्त था और बीमारी से त्रस्त था ,माझी ने यह भी कहा की राजनंद गाँव में 15 किसानो ने आत्महत्या की जिसमे दो के पास तो जमीन ही नहीं थी .कबीरधाम के रामझुल और सीताराम ने परिवारी कारणों से अपनी जान दी ,महासमुंद के चार किसानो ने आत्महत्या की इसके कारण अज्ञात हैं सरगुजा के फुलेषर पैकरा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी , कांकेर के ज्ञानिक राम शराब का आदि था ,कुरूद का चन्द्रहास लम्बे समय से बीमार था संतराम साहू सट्टा और शराब का अदी था .बलौदा बाज़ार का हबे सिंह जुआ खेलता था और मरवाही का रामलाल शराब का आदी था .
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इस प्रकार छत्तीसगढ़ सरकार ने किसी भी किसान की मौत क़र्ज़ या फसल की समुचित कीमत न मिलने को कारण नहीं बताया .

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