औद्योगिकीकरण किसान आंदोलन जल जंगल ज़मीन

अब राजिम, सरायपाली, खल्लारी, तखतपुर, साजा, भिलाई आदि क्षेत्र के विधायकों का घेराव आने वाले दिनों में किया जाएगा .

किसान आत्महत्या कर रहे और मंत्री झूठी बयान बाजी कर रहे, विधायकों के घेराव का दायरा बढ़ाया जाएगा – छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

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छत्तीसगढ़ में किसानों की आत्महत्या लगातार जारी है भारतीय जनता पार्टी के झूठे वादों और किसानों के साथ संवेदनहीन व्यवहार के चलते किसान लगातार आर्थिक तंगी के शिकार होते जा रहे हैं । जिस कारण आत्महत्या की दर में भी लगातार वृद्धि हो रही है ।  विगत 1 महीने में अब तक 14 किसानों ने आत्महत्या कर ली है । धमतरी जिले के अमलीडीह, भखारा के संतराम साहू ने 2 दिन पूर्व ही कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर ली । लेकिन उस पर भी लीपापोती की जा रही है और भाजपा सरकार के मंत्रियों द्वारा किसानों की अच्छी स्थिति का हवाला देकर झूठी बयानबाज़ी की जा रही है । जिसका नजारा कल दुर्ग  महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू के घेराव के दौरान देखने को मिला ।

सरकार की उदासीनता और किसानों की समस्याओं को ध्यान नहीं दिए जाने के कारण छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है । जिसके तहत 4 विधायकों और मन्त्रियों के घेराव के पश्चात अब राजिम, सरायपाली, खल्लारी, तखतपुर, साजा, भिलाई आदि क्षेत्र के विधायकों का घेराव आने वाले दिनों में किया जाएगा ।

आगामी 18 जुलाई को राजिम के विधायक संतोष उपाध्याय का विधानसभा क्षेत्र के किसान घेराव करेंगे ।  इस हेतु क्षेत्र में बोनस बइठका का दौर किसान महासंघ के तेजराम विद्रोही और मदन पटेल के नेतृत्व में जारी है । रविवार को किसान महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य द्वारिका साहू, रूपन चंद्राकर, पारस साहू, डॉ संकेत ठाकुर, पप्पू कोसरे राजिम क्षेत्र में बोनस बइठका करने जाएंगे ।  ताकि 18 जुलाई के घेराव की तैयारी अच्छे से हो सके ।  भखारा अमलीडीह के किसान संतराम साहू के परिजनों से मिलने एवं वस्तुस्थिति से अवगत होने किसान महासंघ का प्रतिनिधिमंडल अमलीडीह रविवार को ही जाएगा ।

सोमवार को खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के बागबाहरा में किसानों की बोनस बइठका संतोष चन्द्राकर, शकील खान के नेतृत्व में रखी गई है । विगत दिनों सरायपाली में पूर्व मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल, आशिक हुसैन, टिकेश्वर मिश्रा के द्वारा बोनस बैठक का आयोजन अनेक गांवों  में किया गया ।
किसान महासंघ के अनुसार यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सरकार किसानों की कर्जमाफी और बोनस जैसी वाजिब मांगों को पूरा करने के स्थान पर किसानों से कर्ज वसूली पर ज्यादा जोर दे रही है । इसके लिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार दबाव बनाकर रखी है जिसकी वजह से किसान भाई भयभीत और हताश होकर आत्महत्या कर रहे हैं ।
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ समस्त किसान भाइयों से आव्हान करता है कि वे आत्महत्या जैसा घातक कदम न उठाएं बल्कि भाजपा सरकार के विधायकों और मंत्रियों का घेराव कर उन्हें अपनी मांगे मनवाने मजबूर कर दें .

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

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