किसान आंदोलन राजनीति

भारतीय किसान संघ एक शासकीय आयोजन का हिस्सा कैसे ? : छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

भारतीय किसान संघ एक शासकीय आयोजन का हिस्सा कैसे ?
सूखा में शासकीय आयोजन रद्द हो अन्यथा विरोध प्रदर्शन होगा : छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

25.8.17

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर  में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुसांगिक संगठन भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में कृषि विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर 26 एवं 27 अगस्त को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । जिसमे संघ के एजेंडे अनुरूप कृषि प्रादर्श की चर्चा किया जाना है ।

यह आयोजन एक ऐसे समय में हो रहा है जबकि किसान सूखे की समस्या से जूझ रहे हैं और बोनस कर्जमाफी, वाजिब समर्थन मूल्य, आदि मांगों को लेकर किसान आंदोलन रत है । छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मण्डल सदस्यों पप्पू कोसरे,रुपन चंद्राकर, द्वारिका साहू, पारसनाथ साहू,डॉ संकेत ठाकुर, उत्तम जायसवाल, दुर्गा झा, तेजराम विद्रोही,गौतम बंदोपाध्याय, गिरधर मढ़रिया, रवि ताम्रकार मदन साहू आदि ने एक शासकीय आयोजन में आरएसएस के अनुसांगिक संगठन की भागीदारी पर कड़ी आपत्ति जतायी है और इस कार्यक्रम को तत्काल निरस्त करने की मांग की  है । यदि कार्यक्रम रद्द नही किया गया कृषि विश्व विद्यालय में मुख्यमंत्री के सामने प्रदेश के किसान अपना विरोध व्यक्त करेंगे ।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के 20 जिलों में सूखा का साया पड़ चुका है । इन हालात में किसानों को सूखा राहत राशि दिलवाने की बजाय सरकार कार्यशाला जैसे गैर-जरूरी आयोजन कर लाखो रुपये बर्बाद करने वाली है । कुछ ही दिनों पूर्व राज्य मन्त्रिमण्डल ने स्मार्टफोन वितरण के नाम पर 1200 करोड़ रूपये आबंटित किये जाने को मंजूरी दी और अब भारतीय किसान संघ के साथ पैसे बर्बाद किया जाने वाला है । दूसरी ओर सूखा पीड़ित किसानों के लिये किसी भी तरह के राहत की घोषणा नहीं की गई है ।

ज्ञातव्य है कि इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, कुलपति, संचालक कृषि के साथ साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी भी सम्मिलित होंगे । जाहिर है प्रदेश सरकार ने किसानों के प्रतिनिधि के रूप में अपने संगठन को मान्यता दे रखी है और वे 31 किसान संगठन जो  लगातार आंदोलनरत है उनके साथ मुख्यमंत्री चर्चा करने तक को तैयार नहीं है ।

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छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

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