दलित महिला सम्बन्धी मुद्दे

छात्रावास से दलित छात्रा को अधीक्षिका द्वारा बेवजह निकाला : कसडोल पोस्ट मेट्रिक छात्रावास .

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16.8.17
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कसडोल। एक तरफ जहां केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा  बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिका शिक्षा को बढाने सतत प्रयास किया जा रहा है तो दूसरे तरफ शासन के योजनाओं को पलीता लगाते हुए छात्रावास अधीक्षिका ने कक्षा 12 वीं की  गरीब छात्रा कुमारी सुचित्रा पाटले को बेवजह छात्रावास से निकाल दिया। छात्रावास से निकाले जाने के बाद गरीब छात्रा अपने गाँव चली गई है जिससे उसके आगे पढ़ाई करने का सपना चकना चूर हो गया। छात्रा के पिता महेतरु पाटले ने जिला कलेक्टर से मामले की शिकायत करते हुए अपनी बेटी को छात्रावास में पुनः रखने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले के मस्तूरी तहसील क्षेत्र के ग्राम केंवतरा निवासी अनुसूचित जाति वर्ग की गरीब छात्रा कु सुचित्रा पाटले ने गत वर्ष  2016 में कक्षा ग्यारहवीं में मिनी माता के उ मा वि कसडोल में प्रवेश लिया तथा गरीबी के चलते पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास में प्रवेश लिया था और कक्षा ग्यारहवीं की पढ़ाई छात्रावास में रहकर ही पूरी की है तथा इस वर्ष वह कक्षा बारहवीं में अध्ययन रत है। गत 30 जुलाई को छात्रावास अधीक्षिका बच्चों से छात्रावास के घास फूस की साफ सफाई करवा रही थी और पौधे लगवा रही थी इसी दौरान मिट्टी पन्नी वाला पौधे का 3 पैकेट बालिका उठा कर ले जा रही थी जो फिसल कर हाथ से गिर गया इससे नाराज होकर अधीक्षिका ने उसे डांट लगाते हुए वहां से चले जाने कहा ।

अधीक्षिका द्वारा डाँटने से छात्रा डिप्रेशन में आ गई और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी उसे तत्काल शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की सूचना देकर उसके पालक को बुलाया और अनुशासन हीनता का आरोप लगाते हुए छात्रा को छात्रावास में नहीं रखने का फरमान सुना दिया।छात्रा के पिता महेतरु पाटले एवं माता मिला बाई पाटले ने अधीक्षिका नीलिमा यादव से अपनी बेटी को छात्रावास में रखने बार बार विनती की परन्तु उक्त अधीक्षिका ने रखने से साफ साफ मना कर दिया और अन्य छात्राओं को भी स्पष्ट हिदायत दे दिया है कि सुचित्रा पाटले को किसी भी सूरत में छात्रावास में नहीं रखना है।

अधीक्षिका द्वारा मना करने पर पालकों ने मण्डल संयोजक घनश्याम दिव्याकर से फोन पर चर्चा की तब उसने भी अधीक्षिका को समझाने की कोशिश की परन्तु उसने एक न सुनी और छात्रा और उसके पालकों को धमकाते हुए भगा दिया।बताया जाता है कि छात्रावास अधीक्षिका नीलिमा यादव का अन्य छात्राओं तथा कर्मचारियों के साथ तानाशाही पूर्वक व्यवहार करती है।वह छात्राओं को छात्रावास से निकाल देने एवं कर्मचारियों को नौकरी से निकलवा देने की धमकी देते रहती है उसके इस तरह के व्यवहार से सभी परेशान हैं।उसके तानाशाही रवैये से क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि में भी आक्रोश व्याप्त है।

छात्रा सुचित्रा पाटले के परिजनों ने जिला कलेक्टर राजेश सिंह राणा को शिकायत पत्र भेजकर अपनी पुत्री को पुनः छात्रावास में रखने की मांग की है।इस सम्बंध में मण्डल संयोजक घनश्याम दिव्याकर का कहना है कि इस तरह किसी छात्र छात्रा की छोटी मोटी गलती पर छात्रावास से निकाला जाना गलत है।

छात्रा के पिता द्वारा लिखित छात्रावास में मेरी बेटी को निकालने की वजह मागने पर छात्रावास में उपस्थित छात्रा के परिजन एवं स्थानीय “पायनियर” प्रतिनधि के समक्ष जोर-जोर से उचे स्वर में चिल्लाने एवं अपमानित करने लगी ओर सीधे श्री ए. सी बर्मन ( सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग बलौदा बाजार से मोबाइल पर बात करने लगी ओर श्री बर्मन सहायक आयुक्त का हवाला देकर धौस देने लगी की उनसे मेरी बात हो चुकी है बच्ची को छात्रा वास में नहीं रखना है बोले है करके .

छात्रा के बारे में पूर्व में पालक को अनुशासनहीनता या अन्य कोई बात की सुचना छात्रावास अधीक्षिका द्वारा नहीं दिया गया है l सीधे 30/07/2017 को आपकी बेटी की तबियत ख़राब है कहकर पालक को बुलाया गया और आपकी बच्ची को यहाँ से ले जाओ कहा गया छात्रा का स्वास्थ्य ख़राब होने पर कसडोल हॉस्पिटल में ले जाया जाना वही पर छात्रा को ड्रिप चढ़वाने के दौरान छात्रा द्वारा बेहोशी के हालत में छात्रावास रसोइया से कुछ नोख जोख हुई है उसी बात को छात्रावास अधीक्षिका द्वारा अपने उच्च अधिकारी श्री ए. सी बर्मन ( सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग बलौदा बाजार को घटना क्रम को बताया गया किन्तु छात्रा द्वारा किसी भी कर्मचारी एवं छात्रावासी अन्य बच्चों से मारपीट /झगड़ा नहीं की है छात्रावास अधीक्षिका द्वारा वहा के डेली विजेस कर्मचारी को सहायक आयुक्त का हवाला देते हुए सेवा से निकाल देने की धमकी देकर छात्रा के विरुद्ध झूठी बयान दिलवाया जा रहा है l

और कितनी बड़ी विडम्बना की बात है की जिले के एक सक्षम अधिकारी श्री ए. सी. बर्मन ( सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग बलौदा बाजार -भाटापारा ) द्वारा बड़ी सरलता से बिना जाँच के बच्ची को अनुशासनहीन है l छात्रावास में नहीं रखेगे कहकर छात्रावास अधीक्षिका कुमारी नीलिमा यादव के मोबाइल से छात्रा कुमारी सुचित्रा के परिजन को बोला गया है।
एक तरफ शासन द्वारा बेटी बचाओ बेटी योजना हमारी सरकार द्वारा जोर सोर से चलाई जा रही है वही उसका विपरीत छात्रावास कसडोल द्वारा देखा गया.

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सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू लहरे की रिपोर्ट
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