किसान आंदोलन राजनीति

सुप्रीमकोर्ट का केंद्र को निर्देश ,किसान खुदकशी के मामले में मुआवज़ा समस्या का हल नहीं हैं

सुप्रीमकोर्ट का केंद्र को निर्देश ,किसान खुदकशी के मामले में मुआवज़ा समस्या का हल नहीं हैं .
,अगर किसान को कर्ज़ दिया जाता है तो उसका पहले फसल बीमा होगा ,तो फिर किसान डिफाल्टर कैसे हो सकता हैं .अगर फसल बेकार होती है तो उसका चुकता बीमा कंपनिया करेंगी .समस्या यह भी है की बेंक योजनाओ लेकर किसान तक नहो पहुच पाते .और किसान इस बीच बिचोलियों के चक्कर में पड जाता हैं .

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुनवाई के दौरान कहां की किसान आत्महत्या के मामले में मुआवज़ा भर देना समस्या का हल नहीं हैं .सरकार को क़र्ज़ के असर को कम करना चाहिए .सरकार को चाहिए की जो योजनायें किसानो के लिया बनाई है वो ठीक तरह किसानो तक पहुच पायें .योजनाओ जमीनी स्तर तक मजबूती से उतरे इसकी निगरानी करनी होगी ,सरकार भले ही अच्छा कम कर रही है लेकिन किसानो की आत्महत्या कम नहीं हो रही हैं .
कोर्ट ने कहा की हम इसकी सुनवाई बंद करने नहीं जा रहे हैं ,इस दिशा में जो भी कदम उठाने की जरुरत हो उसे उठाइए .सुप्रीम कोर्ट ने कहा की यह गंभीर मामला है ,रातो रात इसका हल नहीं निकल सकता इसलिए हम आपको 6 महीने का समय दे रहे है ,कुछ हल निकलिये .और योजनाओ बेहतर ढंग से लागू कीजिये .
कोर्ट ने कहा की हमापके साथ कदम मिला कर चलेंगे ,अगर किसान को कर्ज़ दिया जाता है तो उसका पहले फसल बीमा होगा ,तो फिर किसान डिफाल्टर कैसे हो सकता हैं .अगर फसल बेकार होती है तो उसका चुकता बीमा कंपनिया करेंगी .समस्या यह भी है की बेंक योजनाओ लेकर किसान तक नहो पहुच पाते .और किसान इस बीच बिचोलियों के चक्कर में पड जाता हैं .
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा की आप इस दिशा ,में काम करना चाहते है तो हमें बताईये की क्या करना चाहते हैं .और यह भी बताइये की कैसे करना चाहते हैं .
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