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कल्लूरी के बयान पर कांग्रेसियों ने जताई आपत्ति, EC से कहा – संज्ञान ले

G कल्लूरी के बयान पर कांग्रेसियों ने जताई आपत्ति, EC से कहा – संज्ञान ले

2016-11-06 11:36:55



IG कल्लूरी के बयान पर कांग्रेसियों ने जताई आपत्ति, EC से कहा - संज्ञान ले
रायपुर. पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी द्वारा कह गए कथन पर निर्वाचन आयोग को संज्ञान लेना चाहिए। पीएम से बस्तर आईजी ने कहा था कि आने वाले चुनाव से पहले बस्तर से माओवाद का खात्मा कर देंगे। कल्लूरी ने सीएम के सामने यह बात कही है, इसलिए यह सवाल पैदा होता है कि क्या मुख्यमंत्री ने कल्लूरी को चुनावी मिशन में लगा रखा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी को चुनाव से क्या लेना-देना जो उन्होंने चुनाव से पहले माओवाद समाप्त कर देने की बात प्रधानमंत्री से कही है। इससे स्पष्ट होता है कि आईजी अगले चुनाव तक बस्तर में बने रहेंगे।
नहीं हुई कार्रवाईमो. अकबर ने कहा, सरकार के दावे के बावजूद बस्तर में लगातार माओवादी घटनाएं बढ़ रही है। वहां फर्जी मुठभेड़ हो रहे है। इसका भांडाफोड़ होने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे स्पष्ट होने लगा है कि सरकार बस्तर में अगला विधानसभा चुनाव पुलिस के ही भरोसे लड़ेगी।
कल्लूरी की शह पर चल रही अवैध खदानें : कुंजामवहीं पूर्व विधायक व अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कुंजाम ने बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी पर आरोप लगाया है कि उनकी शह पर रामाराम गांव में रेत, गिट्टी और मुरुम की अवैध खदानों का संचालन हो रहा है। दक्षिण-पश्चिम बस्तर में ज्यादातर पुल-पुलियों का निर्माण आंध्रप्रदेश के ठेकेदार कर रहे हैं और उसमें आईजी की 50 प्रतिशत की साझेदारी है। कुंजाम ने कहा, अवैध खदानों को लेकर वो जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। कुंजाम ने कहा कि सरकार की खुली छूट की वजह से बस्तर में आईजी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लगातार आघात पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
नहीं चाहते शांतिवार्ताकुंजाम ने कहा, बस्तर में टाटा, एस्सार जैसे उद्योगपतियों ने आदिवासी जमीन को हड़पने सलवा जुडूम का सहारा लिया। जब बात नहीं बनी तो कल्लूरी के नेतृत्व में आदिवासियों पर अत्याचार करा रहे हैं। सरकार शांतिवार्ता के पक्ष में नहीं है। यही वजह है कि पीएम ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान कल्लूरी की पीढ थपथपा कर चले गए।

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