अभिव्यक्ति क्राईम छत्तीसगढ़ पुलिस बिलासपुर

SP ऑफिस से 500 मीटर के रेडियस में धड़ल्ले से लगते हैं नशे के इंजेक्शन, बिकता है गांजा

बिलासपुर। शहर में आपराधिक गतिविधियों का ग्राफ़ लगातार बढ़ रहा है। नए पुलिस अधीक्षक ने पद ग्रहण करने के बाद जिस तेवर और कसावट के साथ ज़िले को चलाने की बात कही थी वो सब हवाहवाई साबित हुई हैं।

हत्या, चोरी, बलात्कार, गुंडागर्दी यहाँ तक कि अब तो शहर में गैंगवाॅर जैसी स्थितियां भी बनने लगी हैं लेकिन महोदय का कहना है कि सब ठीक है….पत्रकार ही बात का बतंगड़ बना रहे हैं। चलिए बतंगड़ समझकर ही सही आज एक और ख़बर देख लीजीए।

पुलिस जब कभी नशे के अवैध कारोबार पर कोई कारवाई करती है तो विज्ञप्ति जारी कर उसकी जानकारी प्रेस को देती है। इन विज्ञप्तियों की शुरुआत अमूमन कुछ इस तरह होती है कि “मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री इनके के द्वारा ज़िले में नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री व भंडारन पर पूर्ण अंकुश लागाने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश मिलने पर फ़लाँ फ़लाँ कारवाई की गई….याने कि ये सब कारवाईयां पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर और उनकी देखरेख में की जा रही हैं।

लेकिन आपको ये जाकर हैरत होगी के जिस जगह पर पुलिस अधीक्षक महोदय ख़ुद बैठते हैं उस जगह के 500 मीटर के रेडियस में गांजा बिकता है। प्रतिबंधि नशीली दवाओं के इंजेक्शन लिए जाते हैं।

अवैध नशीली दवाओं की शीशियों और इंजेक्शन से भरी ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं वो दूरदराज़ के किसी ग्रामीण इलाके की नहीं, SP ऑफिस के पास की तस्वीर है।

नेहरू चौक से कलेक्टोरेट की तरफ़ जाते हुए सड़क की एक तरफ़ सीधे हांथ में SP ऑफिस है और सड़क की दूसरी तरफ़ उल्टे हाथ में एक शौचालय है जहाँ खुलेआम नशीले इंजेक्शन लिए जाते हैं। SP ऑफिस के इतने पास इस तरह नशे के इंजेक्शन लिए जाने की ये ख़बर हो सकता है अधिकारियों के लिए गौर करने लायक न हो इस पर भी शायद साहब ये कह देंगे कि बात का बतंगड़ बना रहे हो। साहब हैं किसी को भी कुछ भी कह सकते हैं।

अब एक और तस्वीर देखिए, ज़मीन पर भारी मात्रा में इंजेक्शन फैले पड़े हैं। Cgbasket की टीम ने देखा कि कुछ लोग दिन दहाड़े इंजेक्शन लगा भी रहे हैं। ये जगह भी कहीं बहुत दूर की नहीं है SP ऑफिस से यहां का फ़ासला बामुश्किल एक डेढ़ किलोमीटर का होगा। अधिकारियों के लिए ये भी शायद आम बात होगी, इस पर भी शायद साहब ये कह दें कि बात का बतंगड़ बना रहे हो।

ये तीसरी तस्वीर भी शहर के भीतर की ही है। नशे के इंजेक्शन और अवैध नशीली दवाओं की ख़ाली शीशियाँ देखिए। अब तक दिखाई सारी जगहें सिविल लाईन थाने के अंतर्गत आती हैं। चाकचौबंद व्यवस्था के लिए थानेदार साहब को सम्मानित करना चाहिए।

ये अगली तस्वीर भी पुलिस के दावों की पोल खोलती है।
ये सरकंडा थानाक्षेत्र है। खुलेआम पड़े नशे के इंजेक्शन देखकर अंदाज़ा लगाइए कि नशे का अवैध कारोबार रोकने में सरकंडा पुलिस कितनी मुस्तैद है।

बात सिर्फ़ नशे तक ही सीमित नहीं है। शहर में सट्टे का अवैध धन्धा भी चल रहा है। जिस जगह ये व्यक्ति सट्टा लिख रहा है वो कोतवाली थानाक्षेत्र है।

इस अगली तस्वीर में एक व्यक्ति सड़क किनारे गाड़ी में बैठकर सट्टा लिख रहा है एकदम खुले में। ये तोरवा थाने का इलाका है।

शहर में सारे अवैध धंधे खुलेआम चल रहे हैं और ख़बर चलाकर हम बात का बतंगड़ बना रहे हैं।

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रसूखदार राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त माफ़िया घरों में घुसकर गर्भवती महिलाओं को पीट रहे हैं। गऱीबों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और ख़बर चलाकर हम बात का बतंगड़ बना रहे हैं।

चापलूसी न करके सच्ची ख़बर दिखाना अगर बात का बतंगड़ होता है तो बतंगड़ ही सही।

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