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दहेज प्रताड़ना: 90% जल चुकी महिला की अस्पताल में मौत

दहेज प्रताड़ना: 90% जल चुकी महिला की अस्पताल में मौत

सिरगिट्टी / बिलासपुर। बर्न एवं ट्रॉमा रिसर्च सेंटर विनोबा नगर में भर्ती महिला रामेश्वरी साहू कि पिछले महीने कि 12 तारीख को सुबह मृत्यु हो गई थी। रामेश्वरी का शरीर लगभग 90% जल चुका था। पिछले महीने की ही 3 तारीख को उसने मिट्टीतेल छिड़क कर ख़ुद को आग लगा ली थी। उसे इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि मृतिका रामेश्वरी साहू को उसके पति व सास ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।

रामेश्वरी की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था 15 जून 2020 को रामेश्वरी की शादी सिरगिट्टी के रहने वाले अजय कुमार साहू से हुई थी।

घटना के एक दिन पहले भी हुई थी दहेज प्रताड़ना

सिरगिट्टी थाना प्रभारी फ़ैज़ुल हुदा ने बताया चूंकि रमेश्वरी साहू की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई इसलिए पुलिस ने उसके माता-पिता से भी मृतिका के वैवाहिक जीवन के बारे में जानना चाहा। मृतिका के माता पिता ने पुलिस को बताया कि ससुराल पक्ष के लोग उनकी बेटी को “कम दहेज लाई है” कहकर आए दिन मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

पुलिस की पूछताछ में मालूम हुआ कि जिस दिन महिला ने ख़ुद को आग लगाई उसके एक दिन पहले भी पति और सास ससुर ने उसे दहेज के नाम पर प्रताड़ित किया था। पति के द्वारा दहेज के नाम पर किए गए इस झगड़े से वो मानसिक रूप से बहुत तनाव में थी। इसी के चलते उसने खुद को आग लगा ली।

ऐसी परिस्थितियों मे क्या कहता है कानून

यदि किसी लड़की की विवाह के सात साल के भीतर असामान्य परिस्थितियों में मौत होती है और यह साबित कर दिया जाता है कि मौत से पहले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था, तो भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी के अन्तर्गत लड़की के पति और रिश्तेदारों को कम से कम सात वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।

दहेज निषेध अधिनियम बनने के बावजूद दहेज के नाम पर महिलाओं का शोषण बंद नहीं हुआ है समाज में आज भी लालची लोगों की भरमार है।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ़्तार

घटना के आरोपी ससुराल पक्ष के लोगों पति व सास-ससुर को गिरफ़्तार कर आगे की जाँच के लिए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपियों कर खिलाफ़ दहेज प्रताड़ना निषेध अधिनियम के अंतर्गत धारा 304(बी), 34 भवदी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

थाना प्रभारी फ़ैज़ुल हुदा ने कहा कि महिलाओं के घर वालों को प्रताड़ना की पहली घटना के बाद ही आवश्यक कदम उठा लेने चाहिए किसी अनहोनी का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। रामेश्वरी के माता पिता को उसके साथ हो रही दहेज प्रताड़ना की जानकारी थी अगर वे समय रहते ज़रूरी कदम उठा लेते तो शायद रामेश्वरी की जान बच सकती थी।

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