क्राईम छत्तीसगढ़ पुलिस बिलासपुर

नशे के कारोबार को बड़े परिप्रेक्ष्य में देखकर कार्रवाई करने की जरूरत है

बिलासपुर जिले में प्रतिबंधित नशीली पदार्थों की खरीदी बिक्री गैरकानूनी तरीके से किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने कार्रवाई करते हुए सीपत पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पिछले दिनों मटियारी गांव में नाकेबंदी की और प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेचते दो लोगों को गिरफ्तार किया।

दोनों आरोपियों के पास से 100-100 नग प्रतिबंधित नशीली दवा kof-t कफ सिरप, relaxcof कफ सिरप, Simplex c+ capsules ज़ब्त किया गया। ज़ब्त नशीली दवाओं का का अनुमानित मूल्य 30000 रुपए बताया का रहा है।

गिरफ़्तार आरोपियों में से एक कोटमी सोनार ज़िला जांजगीर चांपा का और दूसरा वार्ड क्रमांक 14, सिमगा, ज़िला बलौदा बाजार का रहने वाला है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध NDPS ACT के तहत कार्रवाई की गई है।

हालांकि इस कार्रवाई को पुलिस की कामयाबी ही कहेंगे लेकिन नशीली दवाओं की फुटकर बिक्री करने वालों की इन इक्का दुक्का गिरफ्तारियों के बाद भी नशे का कारोबार अपनी गति से चलता ही रहता है। अलग अलग इलाकों की पुलिस को साथ मिलकर नशे के कारोबार को संचालित करने वाले पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने की दिशा में भी कदम उठाने चाहिए।

सीपत से गिरफ्तार नशीली दवा के दोनों विक्रेता युवा हैं, एक 23 साल का और एक 27 साल का। शोध बताते हैं कि ऐसी नशीली दवाओं को खरीदने वाले भी ज़्यादातर युवा ही होते हैं। नशीली दवा की छोटी सी दिखने वाली शीशी इस्तेमाल करने वाले की पूरी नस्ल पर असर कर रही होती है। तमाम तरह के अपराध भी यहां से जन्म लेते हैं।

नशे के इस बाज़ार को बड़े परिप्रेक्ष्य में देखकर कार्रवाई करने की जरूरत है।

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