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पत्रकार सुरक्षा को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार हो गंभीर-के.के. शर्मा

– पत्रकार सुरक्षा को लेकर एकजुट हुए छत्तीसगढ़ के पत्रकार
– रायपुर प्रेस क्लब के बैनर तले निकला शांति मार्च, प्रधानमंत्री के नाम राजभवन को
सौंपा ज्ञापन
– पत्रकार सुरक्षा को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार हो गंभीर-के.के. शर्मा

 

रायपुर 02 अक्टूबर 2017/ छग राज्य निर्माण के बाद पहली बार प्रदेशभर के सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए गांधी जयंती पर रायपुर प्रेस क्लब से राजभवन तक शांति मार्च निकाला। रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष के के शर्मा ने प्रधानमंत्री के नाम पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सड़क पर ही राज्यपाल के अवर सचिव सय्यद कैसर अली को ज्ञापन सौंपा।
छग के बस्तर से लेकर सरगुजा से आए पत्रकारों और विभिन्न पत्रकार सगठनों ने तीन सूत्रीय मांगो को लेकर शांति मार्च में हिस्सा लिया। ज्ञापन में मांग की गई है कि बीजापुर से वायरल हुए वायरलेस संदेश की उच्च स्तरीय जांच का हत्या के षडयंत्र का जुर्म दर्ज करें,रिपोर्टिंग के दौरान शहीद हुए पत्रकारों को एक करोड़ का मुआवजा और आश्रितों को सरकारी नौकरी देने के साथ ही नक्सल प्रभावित सभी राज्यों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
प्रेस कलब अध्यक्ष के के शर्मा ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति केंद्र और राज्य सरकार गंभीरता दिखाए। नक्सली और पुलिस के बीच पिस रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। नक्सल क्षेत्र में रिपोर्टिंग के दौरान अगर पत्रकार सुरक्षा की मांग करता है तो उसे सुरक्षा प्रदान की जाए।
प्रेस क्लब रायपुर के महासचिव सुकांत राजपूत ने कहा कि बस्तर में पत्रकारों की जानलेवा वायरलेस पर अभी तक शासन की तरफ से कोई बयान नहीं आया है वह निंदनीय है।
वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने कहा कि यह पहली घटनाएं नहीं है पत्रकारों को लेकर देशभर में घटनाएं हो रही है। सरकार को पत्रकरों की सुरक्षा के प्रति गंभीर होना चाहिए, वायरलेस सेट पर इस तरह की बात सामने आना चिंतनीय है।
श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आसिफ इकबाल ने कहा कि पत्रकार न गोली सें डरे है और न ही सरकार के दबाव में झुके हैं।
बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष तिलक राज सलूजा ने कहा कि प्रदेशभर के पत्रकार एकजुट हैं। रायपुर प्रेसक्लब का यह प्रयास सराहनीय है।
भिलाई प्रेस क्लब अध्यक्ष टी सूर्याराव ने कहा कि पत्रकार मरने से नहीं डरते है विषम परिस्थतियों में भी पत्रकारिता जारी रखेंगे।
श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अवस्थी, छग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर दुबे, छग सक्रिय पत्रकार संघ के प्रदेश महासचिव मंगेश द्विवेदी, छग प्रेस क्लब के अध्यक्ष संदीप तिवारी ने भी संबोधित किया। शांति मार्च को बीजापुर प्रेस क्लब, बस्तर प्रेस क्लब जगदलपुर का समर्थन मिला।
शांति मार्च में प्रेसक्लब उपाध्यक्ष सुखनंदन बंजारे, संयुक्त सचिव प्रफुल्ल ठाकुर, ममता लांझेवार, कोषाध्यक्ष मोन तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार गोपाल वोरा, राजेश दुबे, उमाशंकर व्यास, प्रशांत शर्मा, प्रकाश शर्मा, रामअवतार तिवारी, बृजेश चौबे, संदीप पुराणिक, राजेश मिश्रा, शेख इस्माइल, संजीव वर्मा, शारदा त्रिपाठी, पन्नालाल गौतम, ताहिर हैदरी, प्रदीप दुबे, नारायण भोई, वैभव पाण्डेय, ओपी चन्द्राकर, अनवर कुरैशी, आरके गांधी, संजय शप्तर, व्यास पाठक, मोहित साहू, तहसीन जैदी, मजहर खान, जुल्फीकार अली, मृगेन्द्र पाण्डेय, देवेश तिवारी, भिलाई प्रेस क्लब से राजेश अग्रवाल, सरिता दुबे, रेणु नंदी, अंकिता शर्मा, श्रेया पाण्डेय, रविकांत कौशिक, हेमंत गोस्वामी, प्रमोद ब्रम्हभट्ट, अनिरूद्ध दुबे, अजय श्रीवास्तव, निखिल विश्वकर्मा, राजेन्द्र शर्मा, भरत योगी, ्रशगुप्ता सरीन, शुभ्रा नंदी, संजय राजपूत, रूचि वर्मा, गौरव शर्मा, गोकुल सोनी, दीपक पाण्डेय, रूपेश यादव ,किशन लोखंडे, मुकेश वर्मा, संतोष साहू, विनय घाटगे, नीतिन चौबे, यासिन मेमन, सचिन कटकवार, धीरेन्द्र गिरी गोस्वामी, शैलेश शर्मा, राहुल चौबे, राजीव सोनकर सहित सैकड़ों पत्रकार उपस्थित रहे। महापौर प्रमोद दुबे, कम्युनिस्ट नेता धर्मराज महापात्र, आम आदमी पार्टी के जयंत गायधने, कर्मचारी नेता विजय झा, इदरीश खान ने भी शांति मार्च को अपना समर्थन दिया।

के.के. शर्मा / सुकांत राजपूत

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