Category : नक्सल

आदिवासी आंदोलन नक्सल मानव अधिकार राजकीय हिंसा राजनीति शासकीय दमन

राजनांदगांव ,बोरतलाव ,खुर्सीपार : ईनामी नक्सली के साथ दो युवा आदिवासियों को पुलिस ने पहले पेड से बांधकर मारा फिर गोली मार दी .: सर्व आदिवासी समाज का आरोप ,राष्ट्रपति तक की शिकायत .:कल आदिवासी समाज की महापंचायत डोंगरगढ में.

News Desk
10.06.2018 / राजनांदगांव  राजनांदगांव / 29 मई को बोरतलाव क्षेत्र मे कनपुरा के पास चंदिया डोंगरी के जंगल मे पुलिस ने तीन नक्सलियों को मारने...
आदिवासी नक्सल मानव अधिकार राजकीय हिंसा राजनीति शासकीय दमन

स्पेशल रिपोर्ट…: गढ़चिरौली में हुए एनकाउंटर पर उठे सवाल? कोई अपराध ना ही रिकार्ड फिर भी एनकाउंटर, किस आधार पर नक्सलवादी दिए करार : जावेद अख्तर की रिपोर्ट

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सलाम छत्तीसगढ़… रायपुर  2 7  अप्रैल 2018 https://salaam36garh.blogspot.in/2018/04/blog-post_46.html?m=1 गढ़चिरौली में जिन 37 लोगों को नक्सली करार देकर मारने का दावा किया जा रहा है उनके बारे में पुलिस,...
आदिवासी नक्सल

सुकमा हमला : बिना किसी नीति के जवान मौत के मोर्चे पर तैनात! : तामेश्वर सिन्हा 

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   रायपुर/बस्तर, बुधवार , 14-03-2018रायपुर/बस्तर। बिना नक्सल नीति के अति उत्साह में सरकार ने जवानों को मौत के मोर्चे पर तैनात कर रखा है। नक्सल जिनकी पहचान...
आदिवासी आंदोलन औद्योगिकीकरण जल जंगल ज़मीन नक्सल पर्यावरण महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार राजनीति

राज्य सरकार की कार्पोरेट परस्त नीतियों का परिणाम हैं हाथी मानव संघर्ष / खनन कंपनियों के दबाव में लेमरू एलिफेंट रिजर्व को निरस्त करना भारी पड़ रहा हैं लोगो की जान पर .जन संगठनों का आरोप.

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I   27.01.2818 राज्य सरकार की कार्पोरेट परस्त नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ के 17 जिले हाथी मानव संघर्ष से जूझ रहे हैं l हसदेव अरण्य...
आदिवासी किसान आंदोलन नक्सल

बस्तर संभाग के सबसे बड़े बांध के केनाल में सेंध, 5000 किसानों की रोजीरोटी अंधेरे मे.

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पत्रिका  BADAL DEWANGAN Publish: Jan, 17 2018 11:54:53 (IST) JAGDALPUR, CHHATTISGARH, INDIA छत्तीसगढ शासन की जल संसाधन विभाग के कोसारटेडा मध्यम सिंचाई परियोजना बस्तर जिले का...
नक्सल राजकीय हिंसा

वर्ष 2017 में बस्तर में हुयीं 186 मुठभेड़, 68 नक्सली ढेर, 1010 गिरफ्तार, 368 लौटे मुख्यधारा में –

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वर्ष 2017 में बस्तर में हुयीं 186 मुठभेड़, 68 नक्सली ढेर, 1010 गिरफ्तार, 368 लौटे मुख्यधारा में By  Puneet Nigam  7:10 pm खुलासा टीवी  जगदलपुर 12 जनवरी...
आंदोलन औद्योगिकीकरण जल जंगल ज़मीन नक्सल पर्यावरण राजनीति

वेदांता कंपनी को जंगल क्षेत्र सौपने का विरोध…वेदांता कंपनी को दिये गये खनन की अनुमति को रद्द करने की मांग : सोनाखान बाघमाडा क्षेत्र

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20.12.2017 अनुराग मिश्रा की पोस्ट छतीसगढ़ राज्य को कार्पोरेट जगत की लुट का चारागाह बनाया जा रहा है लगता है छतीसगढ़ सरकार उद्योगपतियों को मुनाफा...
अदालत अभिव्यक्ति आदिवासी आंदोलन औद्योगिकीकरण कला साहित्य एवं संस्कृति दलित नक्सल पर्यावरण प्राकृतिक संसाधन मजदूर महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार राजकीय हिंसा राजनीति सांप्रदायिकता

मानवाधिकार ही नहीं भारत की सभ्यता को खतरा ,धर्मनिरपेक्षता ,लोकतंत्र ,समाजवाद और मूल अधिकारों पर फासीवादी हमले के खिलाफ खडे नही हुये तो फिर कोई मौका नहीँ मिलेगा . पीयूसीएल छत्तीसगढ़ के कन्नाबीरन स्मृति व्याख्यान और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित अधिवक्ताओं को सम्मान में आये वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की और संघर्ष के लिए आव्हान किया .

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?⚫. *** बिलासपुर / 13,12,2017 ** https://photos.app.goo.gl/OKS69DlBnPixdJWF2 कृपया उपरोक्त लिंक खोल कर देख लें ,इसमे 10 दिसम्बर 2017 को पीयूसीएल छत्तीसगढ़ द्वारा केजी कन्नाबीरन स्मृति...
नक्सल फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट्स राजकीय हिंसा राजनीति

छत्तीसगढ़: पिछले 10 वर्षों में इस साल सबसे ज़्यादा सुरक्षाकर्मियों ने आत्महत्या की / पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2007 से लेकिन अब तक कुल 115 सुरक्षाकर्मियों ने आत्महत्या की, इन दस सालों में 2017 में सबसे ज़्यादा 36 जवानों ने आत्महत्या कर ली. :: BY द वायर स्टाफ

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छत्तीसगढ़: पिछले 10 वर्षों में इस साल सबसे ज़्यादा सुरक्षाकर्मियों ने आत्महत्या की / BY द वायर स्टाफ ON 27/11/2017 पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक,...