Category : कविताएँ

Poems for You

आंदोलन कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

तुम अपने काग़ज़ात कब दिखाओगे: पत्रकार सिराज बिसरल्ली की कविता

News Desk
गौरीलंकेशन्यूज़ डॉट कॉम से साभार कन्नड़ के युवा कवि और पत्रकार सिराज बिसरल्ली (43) द्वारा सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ लिखी गयी चर्चित कन्नड़ कविता का हिन्दी...
कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

निस्वार्थ कला सेवक तपस्वी अद्वितीय और मौलिक कलाकार मनीष दत्त का निधन

News Desk
कला के ऐसे साधक कम ही हुए जैसे मनीष दत्त थे। नाटकों में कविताओं को संगीतबद्ध कर के उन्होंने कई अनोखे, रचनात्मक और सफल प्रयोग...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

पुस्तक समीक्षा : कबूतर आकाश में उड़ रहा था और राष्ट्र की उन्नत तकनीक उसे पकड़ने का यत्न कर रही थी

Anuj Shrivastava
नासिर अहमद सिकंदर के इस कविता संग्रह “अच्छा आदमी अच्छा होता है” का समीक्षात्मक विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं कवर्धा के अजय चंद्रवंशी अच्छा आदमी...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

राम की शक्तिपूजा

Anuj Shrivastava
आलेख : अजय चन्द्रवंशी, कवर्धा (छ॰ग॰) निराला की कविताओं में ‘राम की शक्तिपूजा’ को अधिकांश विद्वानों द्वारा उनकी श्रेष्ठ कविता माना गया है। इस कविता...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ शिक्षा-स्वास्थय

रोहित वेमुला का आख़िरी खत : शरद कोकास की कविता

Anuj Shrivastava
रोहित वेमुला ने अपनी आत्महत्या से पूर्व जो ख़त लिखा था उसे पढ़ने के बाद जो तकलीफ़ मुझे हुई उसने इस कविता को जन्म दिया।...
अभिव्यक्ति आंदोलन कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ धर्मनिरपेक्षता राजकीय हिंसा राजनीति सांप्रदायिकता हिंसा

तुम कौन हो बे : पुनीत शर्मा की कविता

Anuj Shrivastava
हिंदुस्तान से मेरा सीधा रिश्ता है,  तुम कौन हो बे क्यूँ बतलाऊँ तुमको कितना गहरा है, . तुम कौन हो बे तुम चीखो तुम ही...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

जनवादी लेखक संघ के द्वितीय राज्य अधिवेशन का आयोजन बिलासपुर में सम्पन्न

Anuj Shrivastava
बिलासपुर। जनवादी लेखक संघ के द्वितीय राज्य अधिवेशन का आयोजन रविवार 10 नवंबर को लिंक रोड स्थित नारायण प्लाज़ा मे किया गया। अधिवेशन के दौरान...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

हालीना पोस्वियातोव्स्का की दो कविताएं

Anuj Shrivastava
आज विदेशी कवयित्रियों की कविताओं की इस श्रंखला की अंतिम कड़ी में प्रस्तुत कर रहा हूँ हालीना पोस्वियातोव्स्का की दो कवितायें । इन कविताओं का...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

ग्राज़्यना क्रोस्तोवस्का की कविता – परायी धरती

Anuj Shrivastava
ग्राज़्यना क्रोस्तोवस्का का जन्म 21 अक्टूबर 1921 को लुबलिन (पोलैंड) में हुआ था. नाज़ी जर्मनी के काल में भूमिगत संगठन के. ओ. पी. की सक्रिय...
अभिव्यक्ति कला साहित्य एवं संस्कृति कविताएँ

डेनमार्क मूल की शीमा काल्बासी की कविता

Anuj Shrivastava
जब उनके परिवारों में कोई पुरुष नहीं बचता रोटी के लिए याचना करती वे भूख से मर जाती हैं आज सातवें दिन आप पढ़ेंगे  ईरान...