क्राईम छत्तीसगढ़ पुलिस बिलासपुर हिंसा

उसलापुर में कट्टेबाज़ी : अपराध रोकने में फ़ेल बिलासपुर पुलिस

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या यानी 25 जनवरी से ही एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है। ऊपर से बिलासपुर में अभी सड़क सुरक्षा माह भी चल रहा है बावजूद इसके दो मोटरसाइकिलों में तीन-तीन लोग बैठकर जेब मे कट्टा लिए घूम रहे थे, ट्रिपल सवारी घूमते ये लोग मेन रोड की ज्वेलरी शॉप में घुसते हैं, दुकान के मालिक को गोली मारकर फ़रार भी हो जाते हैं और बिलासपुर पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगता…क्या गजब की मुस्तैदी है…वाह।

फ़र्श पर बिखरा खून घटना की गंभीरता बयान करता है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या का स्वागत बिलासपुर में कट्टे की फायरिंग के साथ हुआ है। उसलापुर में नेचर सिटी रिहायशी कॉलोनी के बाजू में सती श्री ज्वेलर्स नाम की गहनों की दुकान है। 6 नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने मुख्य सड़क पर स्थित इस ज्वेलरी शॉप में 25 जनवरी की रात तक़रीबन 8 बजे घात लगाकर लूट की नीयत से हमला किया।

cctv फ़ुटेज देखने से मालूम चला कि मुह पर गमछा बांधे हुए 2 मोटरसाइकलों में 6 बदमाश ज्वेलरी शॉप के सामने रुके। कट्टा दिखाते हुए इनमें से चार बदमाश ज्वेलरी शॉप में घुसे, वे कुछ लूट पाते इससे पहले दुकान के संचालक अनिल सोनी ने हिम्मत जुटाई और एक हथियारबंद लुटेरे से उनकी खींचतान हुई। पुलिस ने बताया कि लुटेरों ने 4-5 राउंड गोली चलाई। दुकान संचालक के हाथ में 2 गोलियां लगी हैं। इलाज के लिए उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया है। सभी 6 लुटेरे फरार हैं।

जाँच करती फ़िंगरप्रिंट फॉरेंसिक एक्स्पर्ट

पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल समेत कई आला अधिकारी मौके पर पंहुचे। फ़र्श और दरवाज़े पर बिखरा खून देखकर आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। फिंगरप्रिंट एक्सस्पर्ट और खोजी डॉग के ज़रिए भी छानबीन की जा रही है। पुलिस उसलापुर और आसपास के संभावित इलाकों में गश्त कर रही है। नाकेबंदी कर दुपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की जा रही है।

पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में कामयाब नहीं

सबंधित मामले में पुलिस की कार्रवाई तो अपनी जगह चल रही है लेकिन ये बात भी गौर करने वाली है कि शहर में लगातार ही इस तरह की आपराधिक घटनाओं का ग्राफ़ बढ़ता जा रहा है। लूट, चाकूबाज़ी और अब कट्टेबाज़ी। इन घटनाओं का बढ़ना ये कहने पर मजबूर कर देता है कि बिलासपुर पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में कामयाब नहीं हो पा रही है।

आरोपियों से सांठगांठ के आरोप हैं बिलासपुर पुलिस पर

नए नए इवेंट्स प्लान कर के बिलासपुर पुलिस अपनी छवि को साफसुथरा बनाने की कोशिश तो बहुत कर रही है लेकिन गंभीर आरोप हैं कि बिलासपुर पुलिस का पीछा ही नहीं छोड़ रहे।

  • वर्तमान में सिविल लाइन के टीआई सनिप रात्रे पर आरोप है कि उन्होंने HIV पॉज़िटिव नाबालिग बच्ची के सीने पर इतनी जोर से मुक्का मारा था कि उसके कारण आज भी उस बच्ची के सीने में दर्द होता है।
  • सरकंडा क्षेत्र की CSP निमिषा पांडे पर आरोप है कि उन्होंने बलात्कार और यौन हिंसा से पीड़ित लड़कियों पर बयान बदलने का दबाव बनाया और बयान न बदलने पर उन लड़कियों को कॉलगर्ल के नाम से बदनाम कर देने की धमकी दी।
  • पूर्व में सिविल लाइन थाने में पदस्थ ASI शैलेन्द्र सिंह पर आरोप है कि उसने एक आदिवासी लड़की को दो साल तक अपने घर मे बंधक बनाए रखा और उसका शोषण किया।

पिछले ही दिनों यातायात जागरूकता के लिए जब रिवर व्यू अरपा नदी के किनारे से महिलाओं की बाइक रैली निकाली गई तब वहां SP समेत कई बड़े पुलिस अधिकारी मौजूद थे और वहीँ नदी में खुलेआम तमाम पुलिस अधिकारियों की नज़र के सामने ही ग्रुप बनाकर बड़ी संख्या में लोग जुआ खेल रहे थे।

इन हालातों में पुलिस की छवि को साफसुथरा भला कैसे कहा जाए।

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