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बस्तर एस पी आर एन दास से पुलिस मुख्यालय ने पूछा कि बरगुम मे हत्या का सच क्या

* बस्तर एस पी आर एन दास  से पुलिस मुख्यालय ने पूछा कि बरगुम मे हत्या का सच क्या है.
** पहले कहा था दोनों छात्र माओवादी है और उन्हें पुलिस ने मारा है और अब कह रहे है कि हमें पता नही किसने मारा .
** झूठ बोलकर बुरी तरह फंस गये एसपी,  हाईकोर्ट में पलट गई थी पुलिस अपने बयान से .
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बरगुम थाना क्षेत्र के सांगवेल गाँव के दो किशोरों की हत्या के मामले में बस्तर एसपी आर एन दास बुरी तरह फंस गये है .
पूलिस मुख्यालय ने नोटिस देके हत्या का सच जानना चाहा है .पी सुन्दराजन एस एसपी एस आई बी ने कहा कि बरगुम में हुई घटना की विस्तृत जानकारी बस्तर एसपी से मांगी गई है इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है ,मामले की जांच की जा रही है.
बताया जा रहा है कि हत्या पर दो दो अलग रूख दिखाने की वजह से एसपी को मुख्यालय ने फटकार लगाई है.
बस्तर एसपी ने दावा किया था कि 23,24  सितम्बर की दरम्यानी रात को दो माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिरा दिया था. उसके पास से दो बन्दूक बिस्फोटक ओर डिटरनेटर बरामद किये थे और बाद में पुलिस के इसी ग्रुप को एक लाख का इनाम भी घोषित किया गया था.
जबकि ग्रामीणों का दावा था कि वह सोलह साल का सोनकू और अठारह साल का बिजलू था जो बारासूर थाना के भटपाल ग्रामपंचायत के रहने वाले थे. और पोटाकेबिन में पढने वाले दोनों दोस्त थे जो किसी की मोत की खबर देने अपनी मोसी के घर गये थे और ज्यादा रात होने के कारण वही रूक गये थे. उन्हें दूसरे दिन घर से खींच कर लेजाकर गोली से मार दिया .
बाद में जब प्रकरण जब हाई कोर्ट पहुचा तो पुलिस अपने पुराने रूख से पलट गई और जबाब दिया कि दोनों बच्चों को किसने मारा पता नहीं है ,उन्हें पुलिस ने नहीं मारा,अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है
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पत्रिका की रिपोर्ट के आधार पर

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