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छत्तीसगढ़ में निजी और सरकारी कोल कंपनियों का घटा कारोबार

कोयले की कमी ने घटाया हजार करोड़ का राजस्व

छत्तीसगढ़ में निजी और सरकारी कोल कंपनियों का घटा कारोबार


मृगेंद्र पांडे रायपुर।
छत्तीसगढ़ में आयकर वसूली के टारगेट पर कोल ब्लॉक के निरस्त होने का असर नजर आने लगा है छत्तीसगढ़ के बिलासपुर आयकर रेंज में वर्ष २०१४-१५ में टारगेट से कम वसूली हुई है वहीं कोयले के कारोबार से जुड़े अन्य कारोबारियों ने भी कारोबार नहीं होने के कारण कम टैक्स जमा किया है आयकर विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि कोल ब्लॉक का आवंटन निरस्त होने के कारण कंपनियों का उत्पादन कम हुआ इसका सीधा असर आयकर राजस्व पर पड़ा है, जिसके कारण एक हजार करोड़ ヒपए के राजस्व की कम वसूली हुई है बिलासपुर रेंज में कोयले के कारोबार से जुड़े जिंदल और एसईसीएल के टैक्स में पिछले साल की तुलना में २० फीसदी की कमी दर्ज की गई है.
आयकर के आला अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर रेंज का टारगेट वर्ष २०१४-१५ के लिए ४७०० करोड़ ヒपए था यह टारगेट बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर और कोरबा से पूरा करना था इस क्षेत्र में ही प्रदेश की ९० फीसदी कोयला खदानें हैं आयकर विभाग ने वर्ष २०१४-१५ के लिए टारगेट का निर्धारण अप्रैल में किया था, लेकिन बिजली उत्पादन में जुड़ी कंपनियों को कोल ब्लाक की नीलामी में खदानें नहीं मिलीं इसके कारण कई बिजली कंपनियां अपनी क्षमता का आधे से भी कम बिजली का उत्पादन कर रही हैं रायगढ़ में जिंदल पॉवर के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी की उत्पादन क्षमता ३४०० मेगावाट है, लेकिन वर्तमान में उत्पादन ७०० से ८०० मेगावाट हो रहा है अधिकारियों ने बताया कि उत्पादन कम होने से बिजली बेचने में कम राजस्व मिल रहा है राजस्व के आधार पर ही टैक्स का निर्धारण किया जाता है ऐसे में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में टैक्स कम जमा किया गया है 
तीन बार करना पड़ा टैक्स टारगेट रिवाइस : 
आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर रेंज में कोयला कारोबार में मंदी के कारण वित्तीय वर्ष २०१४-१५ में तीन बार टैक्स टारगेट को रिवाइज किया गया इसके बावजूद एक हजार करोड़ कम राजस्व की प्राप्ति हुई है अधिकारियों ने बताया कि हर तिमाही में टैक्स के टारगेट को कम किया गया हालांकि पिछले साल की तुलना में टारगेट को बढ़ाया गया था, लेकिन टैक्स रिवाइस होते-होते आखिर में पिछले साल के बराबर ही टैक्स का टारगेट पहुंच गया वर्ष २०१४-१५ में इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स और अन्य टैक्स में कमी दर्ज की गई है

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