आदिवासी मानव अधिकार राजकीय हिंसा

भेज्जी एम्बुश का बदला निर्दोष आदिवासियों से लेने के लिये सीआरपीएफ और पुलिस द्वारा चिंतागुफा ,भेज्जी के आसपास के गाँव में भयंकर मारपीट . बहुत लोगों को गंभीर चौट ,कुछ लोग अस्पताल में भर्ती .

** भेज्जी एम्बुश  का बदला निर्दोष आदिवासियों से लेने के लिये सीआरपीएफ और पुलिस द्वारा चिंतागुफा ,भेज्जी के आसपास के  गाँव   में भयंकर मारपीट .      बहुत लोगों को गंभीर चौट ,कुछ लोग अस्पताल में भर्ती .                      
  * दस पंद्रह दिन से चल रहा है यह सिलसिला .
* कोट्टाचेरू, मुकंतोंग,  वेंड्रापेडार गांव खाली कर लोग जा रहे हैं आंध्र प्रदेश
*महिला के कपडे उतार कर पीटने का आरोप .*
* ग्रामीणों ने सोनी सोरी के पास आकर सहायता की अपील की .
 * पत्रकारो ,सामाजिक कार्यकर्ताओं  से हस्तक्षेप की गुजारिश .
* आज सोनी और कुछ पत्रकार जा रहे हैं गांव .
***

सुकमा के चिंतागुफा और  भेज्जी के गोरखा गाँव से एक पीडित ने फोन पर चर्चा करते हुये बताया कि पिछले दस पंद्रह दिन से सीआरपीएफ और पुलिस के लोग भेज्जी एम्बुश (जिसमें 12 सैनिक शहीद हुये थे ) का बदला लेने के लिये आसपास  के  गाँव में भयंकर मारपीट कर रहे है .
उसनें बताया कि 12 मार्च को गोरखा गाँव में लोग एक मंदिर  में थे कि गोरखा केम्प से फोर्स के लोग आये और लोगों के साथ बुरी तरह मारपीट करने लगे .
भीमा को बुरी तरह मारा गया और महिलाओं को घाव घाव तक मारा गया .
मडकाम हुर्रे तो खडी भी नही हो सकतीं हैं
पिछले सोमवार 21 मार्च को  कुछ ग्रमीण एक शादी में शामिल थे तो वही आकर सीआरपीएफ के सैनिकों ने  मारपीट की एक व्यक्ति  का पैर टूट गया ,सोढी चन्द्रा को बहुत चोट आई ,एक महिला कर्तम भीमे को थाना या केम्प ले जाकर उसके कपड़े उतारकर पीटा गया ,उसे तों छोड़ दिया लेकिन उसके पति राजू और ससुर ग्राम पटेल को रोक लिया या गिरफ्तार किया गया पता नहीं .
सोढी चन्द्रा और एक व्यक्ति को रोक लिया गया साथ में चार और ग्रामीणों को पकड लिया गया .जो बुरी तरह से घायल है और कोंटा के किसी अस्पताल में भर्ती बताये जाते है .
एक व्यक्ति  का पैर टूट गया ,सोढी चन्द्रा को बहुत चोट आई ,एक महिला कर्तम भीमे को थाना या केम्प ले जाकर उसके कपड़े उतारकर पीटा गया ,उसे तों छोड़ दिया लेकिन उसके पति राजू और ससुर ग्राम पटेल को रोक लिया या गिरफ्तार किया गया पता नहीं .
सोढी चन्द्रा और एक व्यक्ति को रोक लिया गया साथ में चार और ग्रामीणों को पकड लिया गया .
कोट्टाचेरू ,कोमिगताग ,और बेंदरापेडार के लोग गाँव छोडकर आंध्र भाग गये है ,और गोरखा गाँव के लोग भी गाँव छोड़कर जाने को तैयार बेठे है.
कुछ ग्रमीण कल सोनी सोरी के   पास दंतेवाडा आकर सहायता की मांग किये,तथा उनका आग्रह है कि मीडिया और समाज कर्मी उनकी सहायता करें
 और उन्हें इस संकट से निजात दिलाये.
आज सोनी और कुछ मीडिया कर्मी उन गाँव जा रहे है ताकि सही सही जानकारी बाहर आ  सके.
**
सोनी सोरी और पीड़ित व्यक्ति से चर्चा के आधार पर तैयार नोट .
**

Related posts

इसलिए हजारों मील दूर रहकर भी मैं आज अपने आप को आप ही के बीच में महसूस कर रही हूं : सुधा भारद्वाज ने जेल से भेजी शुभकामनायें ,महिला दिवस पर अपने साथियों को.।

News Desk

इस्तीफ़े के कारण में कही गोपीनाथन की बातें फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद की धूल को एक झटके में झाड़ देती हैं

Anuj Shrivastava

चिंतागुफा में नाबालिग़ से दुष्कर्म ,जवानों पर आरोप

cgbasketwp