Uncategorized

दो साल से ओपन कास्ट में लगी है आग अफवाहों की वजह से ग्रामीणों में भय का माहौल

दो साल से ओपन कास्ट में लगी है आग

अफवाहों की वजह से ग्रामीणों में भय का माहौल[ रायगढ़ ]

Click here to enlarge image

[विनय पाण्डेय रायगढ़ ]
गारे पेलमा ४/१ कोल ब्लॉक अंतर्गत नागरामुड़ा गांव से २ किमी दूर खुली कोयला खदान में आग लगने के बाद उठी अफवाहों से ग्रामीण परेशान हैं गांव वालों को सही तथ्य बताने की फुर्सत न तो प्रशासन के पास है और न ही कंपनी के पास आग नागरामुड़ा गांव से दो किमी दूर खुली कोयला खदान के कुछ कोयले के ढेर में लगी है ।
इस खदान के एक तरफ जंगल और दूसरी ओर ५०० मीटर बाद दूसरी खदान है चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि खदान में यह आग पिछले २ सालों से लगी है लेकिन पिछले कुछ दिनों से गांव की तरफ आग आ रही है कि अफवाह फैलने से लोगों में डर समा गया है,यह पूछने पर कि दो साल से लगी यह आग कितनी आगे खिसकी है, उनका जबाव था, यह जहां पर थी वहीं हैं यह आगे नहीं खिसक रही है लेकिन ग्रामीणों को सही तथ्यों से प्रशासन परिचित नहीं करा पा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है खुली खदान के करीब २०० मीटर क्षेत्र में ४ जगह आग लगी है और आग सिर्फ वहीं लगी है, जहां कोयला खुले में पड़ा है ।
अब तक कोई नुकसान नहीं
ग्रामीण बुधराम डनसेना ने बताया कि दो जगहों पर आग ६ माह पहले लगी थी, बाकी में पहले से आग लगी हैं उन्होंने बताया कि आग से न तो पेड़ों को कुछ नुकसान पहुंचा है और न ही गांव को लेकिन कुछ लोगों ने जब यह बताया कि यह आग गांव की तरफ आ रही है, तब हमें चिंता हुई यह पूछने पर कि क्या इस आग की तपन गांव तक महसूस होती है ? उनका कहना था की यह राजनैतिक  प्रतिक्रिया है। 
कोयले में और पृथ्वी के भीतर कई तरह की गैस होती है इनमें से कुछ गैस ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर जल उठती है यही कारण है कि कोयले को खुला में नहीं छोड़ा जाता यह एक प्राकृतिक घटना है जानकारों के मुताबिक इसमें चौंकने वाली कोई बात नहीं है।
वन विभाग ने किया मुआयना 
वन विभाग की टीम गांव के आसपास के जंगलों में जाती रहती है हालांकि उन्होंने गांव वालों को बताया कि यह आग आगे नहीं बढ़ेगी और इससे जंगल को न तो कोई नुकसान है और न ही खतरा लेकिन बाकी के प्रशासनिक विभाग की टीम आजतक नहीं पहुंची है ।
नहीं पहुंचा प्रशासन
 ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय प्रशासन से लेकर कलेक्टर तक को यहां लगी आग की शिकायत की है, लेकिन आग की स्थिति को देखने प्रशासन का कोई दल नहीं पहुंचा हालांकि यह कहा जा रहा है कि आग बुझाने फायर टेंडर मंगाया जा रहा है लेकिन एसईसीएल अधिकारियों से बातचीत करने पर यह महसूस नहीं होता कि उन्हें इसकी चिंता है कि वहां आग लगने से कुछ नुकसान हो रहा है

Related posts

स्वर्ग और स्त्री – हेमलता महिश्वर

cgbasketwp

Gram Sabhas united in protest against privatization of coal and auction of coal

cgbasketwp

घोटाले का सच: नान के खेल में मोहले, शुक्ला व टुटेजा

cgbasketwp