किसान आंदोलन छत्तीसगढ़ बस्तर वंचित समूह

धान ख़रीदी के सरकारी दावे हवाहवाई: बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा

बस्तर। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के सम्भागीय सयोंजक नवनीत चाँद ने विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि के मुक्तिमोर्चा के दल ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर ब्लाक के नगरनार सहित कई लेप्स का निरीक्षण किया व धान बेचने आए किसानों से बेचने में आ रही असुविधाओं की जानकारी ली जिस पर किसानों ने लैप्स में पर्याप्त बारदाना नहीं होना, समय पर एफ़ सी आई द्वारा लेप्स से धान का उठाव मिलर्स के लिए नहीं किए जाने से टोकन लेने के बाद भी धान बेचने में दिक्क्क्त का सामना करने की बात कही।

किसानों ने बताया कि धान रखने हेतु बना चबूतरा अर्धनिर्मित है जिसके चलते धान का ओवर स्टॉक हो जाना भी एक बड़ी समस्या है। इन समस्याओं के संबंध में स्थानीय लेप्स कर्मचारियों से जवाब मांगने पर उनकी ओर से जिला स्तर पर ही कमी होने की बात स्वीकारी गई है। उक्त घटित लगातार घटनाओं के मद्देनजर मुक्तिमोर्चा के सयोंजक नवनीत चाँद ने जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार ने किसानों से वादा किया था कि वो किसानों का हर एक दाना धान खरीदेगी। नवनीत चाँद ने कहा कि विभिन्न स्थानों का दौरा काने के बाद सारे सरकारी दावे हवाहवाई नज़र आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार खानापूर्ति करने में लगी है निर्देशों का प्रशासनिक रूप से जमीन पर कोई पालन नही होने से किसानों को उनकी वास्तविक समस्याओं का कोई समाधान होता नही दिख रहा है। किसान सरकार द्वारा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। छोटे कर्मचारियों के कंधे पर धान खरीदी की सम्पूर्ण लाद दी गई हैं। ज़िला स्तर के उच्च अधिकारियों द्वारा बिना सम्पूर्ण तैयारी के धान खरीदी केंद्र प्रारम्भ करने का खामियाजा किसान उठा रहा है जो सरासर सरकार की योजनाओं के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

नवनीत ने कहा कि बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा राज्य सरकार के मंत्रियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से किसान हित व घोषणा पत्र के तहत किए गए वादों को याद दिलाते हुए अपील करता है कि लेप्स में प्रशासनिक चूक से हुई उतपन्न समस्याओं के प्रति ध्यानाकर्षण कर निराकरण की पहल करें, अन्यथा किसानों के आंदोलन व विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार रहें।

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