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बहतराई : अधिकारियों की मिलीभगत से भूमाफियाओं के हौसले बढ़े, अतिरिक्त तहसीलदार ने 6 मामलों में की कार्रवाई

बिलासपुर। शहर और आसपास के इलाकों में भूमाफियाओं का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। भूमाफियाओं द्वारा सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से खुलेआम कब्ज़ा करने का कारोबार चल रहा है। इस दो नम्बरी काम में नगर निगम और राजस्व विभाग के बड़े अधिकारियों की मिलीभगत होने की भी बात कही जा रही है। निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से ही भूमाफिया और बिल्डरों के हौसल बुलंद होते जा रहे हैं।

बहतराई क्षेत्र में ज़मीनों पर धड़ल्ले से बेजा कब्जा किए जाने के कई मामले सामने आ रहे हैं। अतिरिक्त तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल ने इन मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की बात कही है।

ऐसे ही 6 मामलों में अतिरिक्त तहसीलदार ने स्टे लगाने की कार्रवाई की है और विधिवत जांच पड़ताल के आदेश दिए हैं। उन्होंने बहतराई क्षेत्र अंतर्गत अवैध रूप से शासकीय जमीनों का कब्जा करने वालों पर गुरुवार 18 फरवरी को जबरदस्त कार्यवाही की है और कब्जाधारी बिल्डरों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।

उक्त कार्यवाही क्षेत्रवासियों व पत्रकारों की शिकायत के आधार पर एवं राजस्व मंत्री के निर्देश पर की गई है। दरअसल बहतराई क्षेत्र अंतर्गत 6 अलग अलग बिल्डरों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया था। इस सरकारी जमीन पर पूर्व में झुग्गी झोंपड़ियाँ बनी हुई थीं जिन्हें तोड़ने के निर्देश निगम द्वारा दिए गए थे लेकिन भूमाफियाओं ने बाद में इस जमीन पर अपना कब्जा जमा लिया और खुद ही झोपड़ियों पर बुलडोज़र चलवा दिया।

इसकी शिकायत होने पर तत्काल अतिरिक्त तहसीलदार शेष नारायण जायसवाल ने मामले में स्टे देते हुए विधिवत जांच पड़ताल एवं कार्यवाही के आदेश दिए। जांच पड़ताल एवं विधिवत कार्यवाही की शिकायत में पटवारी ने स्पष्ट किया था कि पहली सरकारी जमीन जिसके खसरा नंबर 297 / 1 पर कब्जाधारी रबिश सिंह ठाकुर, इसी तरह दूसरा खसरा नम्बर 265/1 पर कब्जाधारी नागेंद्र गोस्वामी, तीसरा खसरा नम्बर 20/1 पर कब्जाधारी हजारी सूर्यवंशी, चौथे खसरा नम्बर 309/2 जिसका रकबा 506 वर्गफुट पर कब्जाधारी सतीश सिंह, पांचवे खसरा नम्बर 309/2, जिसका रकबा 800 वर्गफुट पर छोटेलाल शर्मा, इसी तरह छठवें खसरा नम्बर 53/1 पर साधराम यादव द्वारा कब्जा किया गया था।

जिस पर रसूखदार भू माफियाओं ने कब्जा जमाते हुए निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया लेकिन इस पर तहसीलदार ने तत्काल स्टे आर्डर जारी कर दिया उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री और कलेक्टर के निर्देश पर ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है जो आगे जारी रहेगी।इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग झूठी शिकायत कर तत्काल कार्यवाही करने की जिद लगा बैठते है लेकिन उसका भी एक न्यायलयीन प्रावधान होता है जिसकी प्रक्रिया से होकर गुजरने के बाद ही विधिवत जांच रिपोर्ट के बाद कार्यवाही की जाती है। इसी कड़ी में उक्त कार्यवाही इन्होंने गुरुवार को की।

नायाब तहसीलदार ने बताया कि कब्जाधारी सतीश सिंह,,रबिश सिंह,,नागेंद्र गोस्वामी,,छोटेलाल शर्मा,,साधराम यादव और हजारी सूर्यवंशी इन छै तमाम दस्तावेजों की जानकारी लेकर स्पष्टिकरण मांग गया है। जिसके आधार पर इनपर विधिवत कार्यवाही की जाएगी। दरअसल बिल्डरों को नोटिस देने के बाद भी ना तो उनका निर्माण कार्य बंद हुआ और ना ही निगम ने दोबारा कोई कार्यवाही की। निगम इस मामले में खानापूर्ति मात्र करता नजर आ रहा है। एक तरफ निगम ने यहां बड़ी संख्या में झोपड़ियों को हटा दिया वहीं दूसरी तरफ कुछ झोपड़ियों को निगम ने स्वयं हटाने के निर्देश दिए थे।

इधर इस मामले में बड़े अधिकारियों के संलिप्त होने की भी शिकायत मिली है।नायाब तहसीलदार जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी भूमाफिया या बिल्डर को अवैध कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व मंत्री और कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश है कि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाते हुए भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी है।

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