Author : News Desk

4397 Posts - 0 Comments
किसान आंदोलन

आग तो पूरे देश के किसानों के सीने में सुलग रही है, कहां कहां गोली चलाओगे? कितने किसान की जान लोगे? 6 किसानो की गोली मार कर हत्या मंदसौर में

News Desk
  शहीद किसानों को क्रांतिकारी सलाम * मंदसौर में पुलिस की गोली से शहीद हुये 6 किसानो को श्रध्दांजलि . * किसानों पर गोली चलाने...
पर्यावरण

करीब दो ढाई घंटे में पूरे गांव की सड़कें साफ़ हो गयीं थीं, कूड़े के ढेर गायब हो गए,- हिमांशु कुमार

News Desk
करीब उन्नीस सौ पिच्चासी की बात होगी, तब मैं युवा था और कालेज से ताज़ा ताज़ा निकला था, गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता निर्मला देशपांडे ने मुझसे...
Uncategorized मानव अधिकार

डर की राजधानी दिल्ली – रविश कुमार एन.डी.टी.वी.

News Desk
पूरी दुनिया में मीडिया सत्ता की गोद में खेल रहा है. ये मीडिया गोदी मीडिया है. अंग्रेज़ी में इसे एम्बेडेड जर्नलिज़्म कहते हैं. टीवी के...
महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार

पुरुष की हर कुंठा का समाधान है योनि – तहलका ,रीवासिंह

News Desk
पुरुष की हर कुंठा का समाधान है योनि 5 Jun 2017 रीवा सिंह ,तहलका .कॉम     एक लड़का एक लड़की को पसंद करता है। लड़की...
किसान आंदोलन पर्यावरण

पेरिस समझौता, ट्रंप, पृथ्वी और बिलासपुर 49.3 डिग्री सेंटीग्रेड .– नन्द कश्यप

News Desk
      [ नवभारत (छत्तीसगढ़-ओडिशा) में प्रकाशित) 5 जून वैश्विक तापमान वृद्धि और मौसम परिवर्तन समझौते से अमेरिकी राष्ट्रपति ने अलग होने की घोषणा...
आदिवासी किसान आंदोलन प्राकृतिक संसाधन

आने वाले दिन आपके लिये और भी खतनाक होंगे क्यों कि सरकारे आपको ख़तम करके विकास करना चाहती हैं

News Desk
अदानी को कोयला खदानों के खिलाफ सभी प्रभावित गाँव लामबंध ,अगर ग्रामसभा के प्रस्ताव को नही माना तो रायपुर पहुचेंगे हसदेव अरण्य के आदिवासी ....
कला साहित्य एवं संस्कृति सांप्रदायिकता

हम कायर ,लालची और डरपोक कौम हैं

News Desk
हम कायर ,लालची और डरपोक कौम   हैं।    धर्म परिवर्तन ज़ेरेबहस है    इतिहास में कभी भी धर्म परिवर्तन  किताबो को पढ़ के नही हुआ , चाहे वो आसमानी हो या स्वरचित , किसी संत , फ़क़ीर या समाज सुधारको  ने धर्म परिवर्तन नहीं कराये  धर्म हमेशा सत्ता ,लालच ,या ताकत के बल पे ही बदले  हैं।  मुझे याद नहीं आता की कोई अन्य धर्म का व्यक्ति हिन्दू बना हो।  इसका एक कारन ये भी है कि हिन्दुओ में धर्म परिवर्तन  की अवधारणा ही नहीं है , अगर किसी को अपने धर्म में ले ही आये तो उसे क्या बनाएंगे ,ब्राह्मण या छत्री  या फिर शूद्र।  हिन्दू ही मुस्लिम बने , ईसाई  बने  सिख ,जैन या  बौद्ध बने    अगर ताकत ,लालच या सत्ता के डर  के धर्म बदला तो इसमें सबसे आगे हिंदू ही हैं।   वैसे भी इतिहास को हमें पढ़ने कीआदत नहीं है , नहीं तो  हम जानते की , हमारे देश में  आर्य आये, शक़ ,हूण आये  मुसलमान  आये  अंग्रेज़  से लेके सिकंदर तक आये , और पता नहीं कितने आक्रमण हुये  हम सिर्फ हारे और हारे है ,...