क्राईम छत्तीसगढ़ पुलिस मानव अधिकार राजकीय हिंसा राजनीति शासकीय दमन हिंसा

कांकेर में वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला का गला रेंतने की कोशिश, कांग्रेसी नेताओं कार्यकर्ताओं पर है आरोप

कांकेर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला के ऊपर आज जानलेवा हमला हुआ है। कांकेर के आदर्श पुलिस थाना के सामने ही, पुलिस की मौजूदगी में इस गुंडागर्दी को अंजाम दिया गया है। थाने के सामने उनका गला रेतने की कोशिश की गई है। उनके साथ थाने के अंदर जमकर मारपीट की गई है।

भूमकाल समाचार के संपादक कमल शुक्ला को घसीट कर लेजाते और गालियां बकते गुंडों का एक वीडियो भी सामने आया है।

कांकेर के पत्रकारों ने बताया कि मारपीट करने वालों में एक विधायक प्रतिनिधि है।

आज दोपहर कांकेर के एक पत्रकार के साथ सरकारी प्रश्रय प्राप्त गुंडों ने मारपीट की और मारपीट करते हुए उसे पुलिस थाना तक ले गए। थाने के अंदर भी उसके साथ मारपीट की गई। इस गुंडागर्दी का विरोध करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करने के लिए पत्रकार कमल शुक्ला और कांकेर के 20-25 पत्रकार थाने के सामने इकट्ठे हुए थे। तभी वहां लगभग 300 से भी ज़्यादा गुंडे इकट्ठे हुए और सभी पत्रकारों के साथ मारपीट करने लगे।

पूछ पूछ कर पत्रकारों को मारा

कांकेर के स्वतंत्र पत्रकार तामेश्वर ने बताया कि गुंडे “तू पत्रकार है?” ऐसा पूछ पूछकर मारपीट कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस के सामने ये गुंडे खुलेआम धमकी दे रहे थे कि “ये तो शुरुआत है अब पत्रकारों को घर में घुस कर मारेंगे”

कमल शुक्ला का गला काटने की कोशिश

कमल शुक्ला के बेटे ने फोन पर बताया कि कमल शुक्ला का सार फट गया है और उनके गले पर भी किसी धारदार हथियार से हमला किया गया है। उन्होंने बताया कि कमल शुक्ला पर हुए इस जानलेवा हमले की रिपोर्ट भी पुलिस नहीं लिख रही है।

आपको बता दें कि पत्रकार कमल शुक्ला कांकेर और आसपास के इलाकों में हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर लगातार लिख रहे थे। कुछ दिन पहले कांकेर के एक पूर्व पुलिस वाले ने कमाल शुक्ला को जान से मारने की धमकी भी दी थी, इस बात का ज़िक्र कमल शुक्ला अपने फेसबुक पर कर चुके हैं।

छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार में पत्रकारों पर हमले और फर्जी FIR दर्ज़ करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

कमल शुक्ला पर हुए आज के इस जानलेवा हमले ने कांग्रेस सरकार में चल रहे निरंकुश गुंडाराज का भंडाफोड़ कर दिया है।

प्रदेश के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है।

Related posts

CONDEMNING SADHVI PRAGYA’S STATEMENTRELEASED BY 8 FORMER DIRECTORS GENERAL OF POLICE.

News Desk

अमन की पहल : 22 दिसंबर 2019 को जामा मस्जिद इलाके के दौरे के बाद की रिर्पोट

Anuj Shrivastava

मोदी-2 का पहला बजट : कारपोरेट पूँजी की आक्रामक वहशी लालसाओं को खुली छूट.- सीपीआई (एम-एल) रेड स्टार.

News Desk