बिलासपुर भृष्टाचार

थोड़ी से बारिश ने बिलासपुर नगर निगम के अधिकारियों के नाकारापन को उजागर कर दिया

बिलासपुर। स्मार्ट सिटी कह कहकर महिमामंडित किए जाने वाले बिलासपुर शहर की असलियत ये है कि आज मुश्किल से दस मिनट हुई बारिश में शहर की ज़्यादातर नालियाँ लबालब हो गईं और सड़कें तालाब बन गईं।

इस थोड़ी से बारिश ने बिलासपुर नगर निगम के अधिकारियों के नाकारापन को उजागर कर दिया। शहर की तकरीबन सभी नालियों और बड़े नालों की साफ़ सफ़ाई बारिश का मौसम आने से पहले की जानी चाहिए ताकि सड़कों पर जलभराव की समस्या न हो लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था निगम की तरफ़ से कभी की ही नहीं जाती।

बारिश का पानी सड़कों और निचली बस्तियों में जमा न हो इसके लिए नगर निगम के पास कोई बेहतर योजना नहीं है। हो सकता है काग़ज़ों में नगर निगम बढ़िया का कर रहा हो लेकिन ज़मीन पर तो ऐसा कोई कार्य नज़र नहीं आ रहा है।

जो वीडियो आप देख रहे हैं वो सिविल लाईन थाने के सामने से ईदगाह चौक की तरफ़ जाने वाली सड़क का है ये कोई निचली बस्ती नहीं शहर के बीच का इलाका है।

आप देख सकते हैं कि सड़क पर लबालब पानी भरा हुआ है। हादसे के डर से लोग गाडियाँ मोड़कर अपना रास्ता बदल रहे हैं।

ज़ाहिर सी बात है चौक चौराहों पर हमर बिलासपुर स्मार्ट सिटी का लाईट वाला बोर्ड लगा देने से बिलासपुर स्मार्ट सिटी नहीं बन जाएगा उसके लिए निगम के अधिकारियों को घूसखोरी को किनारे करके ईमानदारी से इस दिशा में काम करना होगा। घूस वाली बात का ज़िक्र इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि शहर की आम जनता के बीच निगम के अधिकारियों की यही इमेज है।

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