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23 दिन से चल रहा है बारनवापारा में धरना ,कोई.सुनवाई नही ,मिल रहा है भारी जन समर्थन .:.जन संघर्ष समिति बार अभ्यारण ,दलित आदिवासी मंच

14/2/2018  /बारनवापारा 

 

जन संघर्ष समिति बार क्षेत्र व दलित आदिवासी मंच के बेनर तले अनिश्चित कालीन धरना का 23 वा दिन है आज भी लोग धरना स्थल पर जोश के साथ डटे हुये है .

 

आज प्रशासन के खिलाफ आक्रोश सभा किया गया जिसमें सर्व प्रथम बरिहा समाज के प्रांतीय अध्यक्ष बेद राम बरिहा ने कहा कि जितने लेट हमारी मागो को मनाने में लगाएगी उतना बार क्षेत्र का संगठन मजबूत होगा आज इस आंदोलन को समर्थन दे रहे है सैकड़ो जन संगठन छत्तीसगढ़ के व बाहर का जनसंगठन दे रहे है जिससे हमारे आंदोलन को ताकत मिल रहा है कब तक सरकार संजय रौतिया को गिरफ्तार नही करेगी इस लड़ाई को छत्तीगढ़ के पूरे बरिहा समाज का भी समर्थन मिला है जो रोड व जेल तक कि लड़ाई लड़ने को तैयार है उसके बाद मोहन नेताम ने कहा कि जंगल को हमारे बाप दादा ने कांदा कुसा खा कर इस जंगल को बचाते आ रहे है और अपना जीविका पार्जन कर रहे है जंगल हमारा है और हम उस जंगल के है पुरषोत्तम प्रधान ने कहा की वन विभाग वाले जंगल का व्यपारी है हम जंगल का सुरक्षा करते है और जंगल से हमारी जीविका चलती किया हम जंगल की सुरक्षा नही करेंगे तो वन विभाग अकेले जंगल की सुरक्षा कर पाएंगे

छत्तीसगढ़ बचाव आंदोलन से आलोक ने कहा की वन विभाग 1927 के कानून जो अंग्रेजो ने बनाया उस को लेकर बैठी है जबकि यही जन विरोधों कानून को खत्म करने के लिए वन अधिकार मान्यता कानून 2006 बनाई गई है जब से वन अधिकार कानून बना है तब से वनवासियों को वनों पर अधिकार मिल चुका है लेकिन हमारे सरकार इस कानून के तहत वनआधिकार मान्यता देंने की मंशा ही नही है वनों पर कब्जा कर जंगल राज चला रही है

इस वन अधिकार कानून का मजाक उड़ा रही है
पूर्व विधायक व छत्तीसगढ़ प्रदेश काँग्रेस के कार्यकरणी अध्यक्ष शिवकुमार डहरिया ने इस आंदोलन को समर्थन देते हुय कहा कि जबरन विस्थापन की हमारी सरकार निंदा करती है केंद्र में हमारे सरकार थी पारम्परिक रूप से वनों में रहने वाले के हित को देखते हुए वन अधिकार मान्यता कानून बनाया गया लेकिन वर्तमान सरकार इन कानून का अम्लीकरण करण ना करते हुए वनवासियो को जंगल से खदेड़ने का काम कर रही है बड़े बड़े बहुराष्ट्रीय कंपनियों को नेवता दे रही है आज सभी जगह अपने अधिकारों को लेकर आदिवसी किसान मजदूर शिक्षाकर्मी वनवासी लड़ाई लड़ रहे है आज संजय रौतिया लड़ाई नही है पूँजी पति व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ना है आज की सरकार भूमिमाफ़िया जंगलमाफ़िया जमींमाफ़िया शराब माफिया की सरकार है इसको परास्त करने के लिए जाती धर्म से हट कर हमें एकजुट हो कर इनको पछाड़ना पड़ेगा बार अभ्यारण की लड़ाई को विधानसभा में उठाया जाएगा कोर कमेटी चयन कर डॉ रमन सिंह मुख्यामंत्री से मिलने जाएंगे आंदोलन को बनाये रखो दोसी को गिरफ्तार करना ही पड़ेगा चाहे जितना भी दिन लगे इस लड़ाई से पीछे नही हटना है दलित आदिवासी मंच के सयोजिक राजिम तांडी व जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमरध्वज यादव ने आये हुए सभी व्यक्ति को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमे पीछे नही हटाना है जब तक संजय रौतिया गिरफ्तार नही होता तब तक लड़ाई लड़ते रहेंगे व देवेन्द्र बघेल ने सभा को संबोधित किया और संचालन करते हुए अंजोर सिंह नागवंशी जन आक्रोश सभा का समापन किया
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अमर ध्वज यादव
जन संघर्ष समिति बार अभ्यारण
देवेंद्र बघेल
दलित आदिवासी मंच

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