आदिवासी आंदोलन दलित महिला सम्बन्धी मुद्दे मानव अधिकार राजनीति

2 अप्रेल को भारत बंद का मजदूर यूनियन ने किया समर्थन :, रैली और प्रदर्शन

29/3/2018

 

आज सुबह 8 से 9 बजे तक सोमनी एन एस पी सी एल गेट के पास मजदूरो ने नारा बाजी किया, मीटिंग भी किये मुख्य रूप से जिस तरह देश में एस सी एस टी के आरक्षण  की जाने की राजनीति चल रही है वह बहुजनो के लिए संकट है दलित आदिवासियों का स्थिति फिर वही लौट आएगी जहाँ दलितों को साफ सुथरा रास्ते मे चलने का आजादी नही थी, अलग बस्ती हुआ करता था, महिलाओं का कोई इज्जत सम्मान नही होता था आज के मीटिंग में मजदूरो ने यह चिंता जाहिर किया कि कम्पनी के उत्पादन में सब मजदूर मिल कर करते है जैसे ही काम से छूटेंगे हम अछूत हो जाएंगे ,वर्तमान में देश के सभी उच्च पदों में आज भी ऊंचे जातियों का बोलबाला है और वही लोग बड़े पूंजीपति है जो सरकार के ऊपर लगाम कसे हुए है और संसाधनों पर भी कब्जा जमाए हुए है, कुल मिलाकर मिले हुए अधिकारों से छेड़छाड़ चलता रहा तो पिछड़ा, दलित, आदिवासियों का गुलामी तय है सबसे अधिक हम मजदूरो के ऊपर असर होगा जाती, छूत अछूत के चलते हम वर्ग संघर्ष पर विश्वास रखने वाले यूनियन(एकता) नही बना पाएंगे हमारे कार्य का घंटा का कोई माप दण्ड नही होगा, हमारे साथ जानवर की तरह व्यवहार किया जाएगा, हम मजदूर मांग करते है कि दलित आदिवासियों को मिला आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ न किया जाये 2 अप्रेल को भारत बंद का आह्वान किये है सभी मजदूर समर्थन करते हैं

प्रदर्शन में कार्यरत मजदूर सांथी शामिल  हुए

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