किसान आंदोलन

16 जून को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक छत्तीसगढ के सभी जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करेंगे किसान*


*राज्य के 21 संगठनों ने मिलकर बनाया छत्तीसगढ किसान मजदूर महासंघ.

11.06.2017

*कर्ज मुक्ति और फसल के दाम के अलावा 21 सौ रुपए समर्थन मूल्य, 3 सौ रुपए बोनस, 5 एच पी तक सिंचाई पंप को निशुल्क बिजली, धान का एक एक दाना खरीदने का चुनावी वायदे पूरे करने के लिए निर्णायक संघर्ष करेंगे किसान*
*मंदसौर में 7 किसानों की हत्या करने वाले शिवराज सरकार को बर्खास्त करने और हत्या का प्रकरण दर्ज करने की उठी मांग*
छत्तीसगढ के विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर दो दर्जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आज रायपुर के बूढ़ा तालाब में धरना-प्रदर्शन किया, किसानों में मंदसौर में 7 किसानों की हत्या को लेकर मध्यप्रदेश के शिवराज सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश था, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के किसान आंदोलन के लिए किसानों ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया किसानों का आरोप है कि प्रधानमंत्री होने के नाते नरेंद्र मोदी को पूरे देश के किसानों के कर्ज माफ करने की बात कहनी चाहिए लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव में उन्होने सिर्फ यूपी के किसानों के कर्ज माफ करने की बात कही और प्रधानमंत्री की इच्छानुसार यूपी के मुख्यमंत्री ने किसानों के कर्ज माफ करने का ऐलान भी किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्षपातपूर्ण व्यवहार से मध्यप्रदेश सहित अन्य भाजपा शासित राज्यों के किसानों में जबरदस्त आक्रोश है जो मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में हड़ताल के रूप में उभरकर आया है,
छत्तीसगढ के किसान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इस बात से हतप्रभ हैं कि छत्तीसगढ में धान की सरकारी खरीद को प्रति एकड़ 15 क्विंटल करने के लिए केंद्र सरकार ने नहीं कहा है, अमित शाह की इस सफाई पर छत्तीसगढ के किसानों ने मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछा है कि वह किसानों को बताए कि धान का एक एक दाना खरीदने का वायदा तोड़कर केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के किसके आदेश पर सरकार ने प्रति एकड़ 20 क्विंटल की धान खरीद को कम करके 15 क्विंटल किया है,
धान के बोनस पर विचार करने संबंधी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को किसानों को झांसा देने का प्रयास निरूपित करते हुए किसानों ने कहा कि सिर्फ एक साल का बोनस से किसानों का आक्रोश कम नहीं होगा, भाजपा सरकार को पूरे 4 साल का बोनस और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि देनी होगी,
राष्ट्रीय किसान महासंघ के आह्वान पर छत्तीसगढ किसान मजदूर महासंघ द्वारा राज्य के सभी जिलों में 16 जून को तीन घंटे के लिए नेशनल हाईवे, स्टेट हाइवे, रेलमार्ग जाम करने का निर्णय लिया गया है ।
धरना-प्रदर्शन में छत्तीसगढ प्रगतिशील किसान संगठन के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा और बलौदाबाजार के कार्यकर्ता, क्रांतिकारी किसान संगठन, छत्तीसगढ किसान मोर्चा, जिला किसान संघ राजनांदगांव, कृषक बिरादरी, छत्तीसगढ किसान सभा, नई राजधानी किसान कल्याण समिति, छत्तीसगढ एग्रीकान, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, राष्ट्रीय राजमार्ग नागरिक संघर्ष समिति, किसान बंधु, नदी घाटी मोर्चा, छत्तीसगढ महिला अधिकार मंच, व्ही फोरम, किसान महासंघ, आप किसान मोर्चा, किसान समन्वय समिति, छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ श्रमिक मंच, किसान समाज, तत्पर, छत्तीसगढ बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता शामिल थे ।


राजकुमार गुप्त, संयोजक, छत्तीसगढ प्रगतिशील किसान संगठन

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