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15 , 16 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन और प्रतिरोध सभा .: बाजार चौक भेंगारी ,घरघोडा रायगढ :आदिवासी दलित मजदूर किसान संघर्ष समिति .

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रायगढ जिले के घरघोडा मे जुनवानी और सुहाई जंगल के नाम से जाना जाता है ,यह 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मे विस्तारित हैं और 32 गांव की कुल.आबादी करीब पचास हजार के आसपास है ।इस क्षेत्र के केन्द्र मे भेंगारी गांव मे टीआ एन एनर्जी और महावीर. एनर्जी एण्ड कोल नामक दो कंपनियां स्थापित होंने से इस क्षेत्र मे वायु प्रदूषण और अंधाधुंध पेड कटाई बेतहाशा रूप से जारी हैं.

इस क्षेत्र की जीवनदायिनी कुरकुट नदी और भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन से पानी का संकट उत्पन्न हो गया है साथ ही आसपास के जिंदा नाला में अपशिष्ट पदार्थों के डाले जाने से निस्तार के लिये संकट पैदा हो गया है .यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची मे आता हैं इसीलिए गहन वनों से युक्त है, यहाँ पेसा कानून और वनाधिकार कानून लागू है जिसके तहत विशेष अधिकार मिले हुऐ है ,जिनका. उलंघन कानूनी अपराध हैं .ग्रामीणों की जमीन को बिना वनाधिकार कानून ,पेसा,भूअर्जन , पुनर्वास और व्यवस्थापन की प्रक्रिया पूर्ण किए बिना नही लिया जा सकता है .लेकिन सरकार और कम्पनी मिल कर बिना कोई प्रक्रिया पूर्ण किये जमीन हड़प रहे हैं ,इससे अपनी जमीन से बेदखली के कारण भयानक असंतोष ,बेरोजगारी और व्यवस्था फैल गई है ।
अपशिष्ट के गैर जिम्मेदारी पूर्ण निपटारे के कारण लघु वनोपज ,जैव विविधता ,पारिस्थितिकी तंत्र हाथी और मानव में द्वंद की स्थिति के कारण खेती पर विपरीत असर पड़ रहा है.

दलित और आदिवासियों के लिये बनाये गये विशेष कानून के तहत अनुसूचित जाति ,जन जाति की जमीनों और जल स्रोतों और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप कानूनी अपराध है .स्थानीय लोगों को जानकारी दिये बिना या परामर्श किये बिना क्षेत्र मे कोलवाशरी ,बिजली संयंत्र की स्थापना या विस्तार ,राख के डेम और खुले में अवैध ड़पिंग ,उच्च न्यायलय के आदेश के बाबजूद पेड़ कटाई और अवैध निर्माण बेरोकटोक जारी है.के और सैकडों की संख्या मे अनुसूचित जाति जन जाति के लोगों द्वारा एसडीएम कोर्ट मे जमीन के मामले लंबे समय तक लटके रहने के कारण sc/st अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने में लीपापोती के कारण आदिवासियो के अधिकारों का सीधा उलंघन है .

राज्य मे सत्ता और औद्योगिक धरानो की मिली भगत के कारण यहाँ कानून निष्प्रभावी हो गया है. इन सब गैरजनतांत्रिक और गैर संवैधानिक कामो के खिलाफ यह अनिश्चितकालीन धरना और सभा की जा रही है .
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