अदालत मानव अधिकार राजकीय हिंसा सांप्रदायिकता

अहमदाबाद टिफिन ब्लास्ट मामला : 14 साल की जेल काटने वाले हनीफ निकले निर्दोष.


अहमदाबाद टिफिन ब्लास्ट मामला : 14 साल की जेल काटने वाले  हनीफ निकले निर्दोष.

Written by BlastNews |
February 15, 2017 |

अहमदाबाद: अहमदाबाद के सीरियल टिफिन ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट ने 14 साल जेल काटने के बाद मोहम्मद हनीफ काे बरी कर दिया हैं। 29 मई 2002 को अहमदाबाद में 5 बसों में टिफिन ब्लास्ट हुए थे, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अप्रैल 2003 में हनीफ को क्राइम ब्रांच ने इसमें शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। हनीफ का कहना है कि वे निर्दोष थे और उन्हें गलत फंसाया गया था। पहले निचली अदालत ने फिर हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया, परंतु अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। इन 14 सालों में उनका पूरा परिवार तहस-नहस हो गया। गिरफ्तारी के समय वह कपड़ों का व्यवसाय करते थे, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उनका नाम आतंकी मामलों में जुड़ने के बाद लोगों ने उनसे किसी भी तरह का लेनदेन बंद कर दिया।

डिप्रेशन के चलते हुई थी पत्नी की मौत
साल 2006 में हनीफ को अहमदाबाद की ट्रायल कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई। अगले साल सदमे से मां की और फिर 2008 में डिप्रेशन के चलते पत्नी की मौत हो गई। उनके चारों बच्चों को भाई के परिवार ने संभाला। बाद में हाईकोर्ट ने उनकी सजा आजीवन कारावास में बदल दी, लेकिन अब 14 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें निर्दोष मानकर बरी कर दिया है। इस मामले में कुल 21 आरोपी थे, जिसमें से चार्जशीट के वक्त ही 4 बरी कर दिए गए। ट्रायल कोर्ट ने 12 और लोगों को बरी कर दिया। बचे 5 दोषियों में से एक को हाईकोर्ट ने बरी किया। अब बाकी के 4 में से हनीफ समेत 2 को सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर अन्य दो को दोषी माना, लेकिन अब तक की जेल की उनकी सजा पूरी मानकर उन्हें भी छोड़ दिया गया। साल 2002 के दंगों के बाद यह एक और केस है जिसमें सालों जेल काटने के बाद लोग निर्दोष छूटे हैं।

**

Related posts

ईसाईयों के घरों पर हो रहे हमले, समाज का आरोप सुकमा पुलिस नहीं दे रही साथ .

News Desk

हिंसा-नफरत की राजनीति के बीच तोगडिया के अश्रुपात : दीपक पारचोर

News Desk

सरकार धीरे धीरे एक एक कर गाँव के लोगो को उठाती है ,मारती है, और पलायन को मजबूर कर देती है ,यही क्रम चलता है बस्तर में .

News Desk