कला साहित्य एवं संस्कृति

?. विचारमंच ‘सरगम’ की 25 वीं साल में भुरंगी परिवार ने समा बांधा .

30.09.2018/ बिलासपुर

बिलासपुर में भुरंगी परिवार संगीत के प्रतीक बन गये हैं ,जब कभी बिलासपुर का संगीत का इतिहास लिखा जायेगा तो बिना भुरंगी परिवार के पूरा नहीं होगा .

विचार मंच के सरगम की आज सिल्वर जुबली का भी अवसर था ,आज और प्रारंभिक दिन भी भुरंगी परिवार ने सुगम संगीत प्रस्तुत किया था .
आज सुश्री वैशाली भुरंगी की तीन पीढीयां मंच पर थी . रोहिणी भुरँगी, बाबुल भुरँगी, विजय भुरँगी , और तीन साल के आरव भुरँगी.
मेरे साथ बैठे नथमश शर्मा बता रहे थे कि उन्होंने आरव के पिता बाबुल को इसी उम्र में तबला बजाते देखा हैं . आज पहली बार वैशाली जी के साथ उनकी बहू ने भी गीत गाया.
शास्त्रीय संगीत की परंपरा पीढी दर पीढी ही आगे बढती हैं ,इसका ही गवाह भुरंगी परिवार है ,बिलासपुर में उन्होंने पता नहीं कितनों को तबला सिखाया.
आज शाम रविवार, 30 सितम्बर 2018 को राष्ट्रीय पाठशाला सीएमडी कालेज के पीछे
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) संगीत संध्या का आयोजन संपन्न हुआ .

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